
जोधपुर. पर्यावरण प्रेमी दिनेश जोशी की धर्मपत्नी आरती ने एक शिक्षिका होने के नाते अपनी तीनों बेटियों अक्षरा, तपस्या व गिरजा को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी करने के साथ अपनी अंतिम ईच्छा ‘मुखाग्नि’ की भी पूरी करवाई। 43 वर्षीय आरती जोशी किडनी के कैंसर रोग से पिछले तीन वर्षो से लड़ रही थी। वे कहती थी कि मेरी बेटियां बेटों से कम नहीं है, इसलिए मेरी चिता को मुखाग्नि मेरी बेटियां ही देगी। ऐसे में उनकी अंतिम ईच्छा अनुसार शुक्रवार को बेटियों ने मां की अर्थी को कंधा देने के साथ उनकी चिता को मुखाग्नि देकर ये फर्ज निभाया। पर्यावरण प्रेमी दिनेश जोशी कि आरती एक शिक्षिका होने के साथ साथ पर्यावरण प्रेमी भी थी। उन्होंने अपनी बड़ी बेटी की शादी में पति के सहयोग से बेटी के कन्यादान में ग्यारह सौ पौधे का दान भी किया। जोशी ने बताया कि आरती पेड़ पौधों का ध्यान भी हमेशा अपने बच्चों की तरह रखती थी। उन्हें पर्यावरण से बहुत अधिक प्रेम था।