जोधपुर

खत्म हुआ मलमास, गांवों में फिर गूंजेगी शहनाइयां

भोपालगढ़. मलमास 14 जनवरी की शाम से खत्म हो गया। अब मंगलवार पौषशुक्ल पक्ष नवमी से मांगलिक कार्यों के साथ शादियों की शहनाइयां भी गूंजना शुरू हो जाएगी और एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों में मांगलिक कार्यों की धूम भी शुरु हो जाएगी।
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खत्म हुआ मलमास, गांवों में फिर गूंजेगी शहनाइयां

भोपालगढ़. एक महीने से चल रहा मलमास 14 जनवरी की शाम से खत्म हो गया। अब मंगलवार पौषशुक्ल पक्ष नवमी से मांगलिक कार्यों के साथ शादियों की शहनाइयां भी गूंजना शुरू हो जाएगी और एक बार फिर से ग्रामीण इलाकों में मांगलिक कार्यों की धूम भी शुरु हो जाएगी। जिसको लेकर गांवों में तैयारियां शुरु कर दी गई है।

कस्बे के ज्योतिष पंडित ओमप्रकाश दाधीच के अनुसार 14 जनवरी को शाम 7.52 बजे मकर राशि में सूर्य का प्रवेश होते ही पिछले एक माह से चल रहा मलमास खत्म हो गया। 15 जनवरी को पहला सावा आठ रेखीय सावा है, जो कि सर्वश्रेष्ठ माना जा रहा है। जिसके चलते कस्बे सहित क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इस दिन शादियों की भी धूम रहने वाली है और कस्बे के प्रमुख बाजारों में इन दिनों शादियों की खरीददारी भी परवान पर है। कस्बे के बाजारों में रात तक लोगों की ज्वैलरी व कपड़े आदि की दुकानों पर खरीदारी करने के लिए ग्रामीणों की भीड़ नजर आ रही है। पंडित ओमप्रकाश ने बताया कि इस साल मार्च तक करीब 22 सावे होंगे। जिसमें 2 अबूझ सावे 10 फरवरी (बसंत पंचमी) और 8 मार्च (फुलरा दोज) के हैं। जबकि इन अबूझ सावों के साथ ही जनवरी माह में 15, 17, 18, 22, 23, 25, 26, 27, 29 की तिथियों में भी अच्छे सावे है। इसके साथ ही फरवरी माह में भी 6, 8, 9, 10, 19, 21, 22 का सावा अच्छा माना जा रहा है। वहीं मार्च माह में 2, 3, 8, 9, 10, 12 मार्च को भी ज्योतिष के अनुसार सावे के दिन हैं और इन तिथियों में ग्रामीण इलाकों में जमकर शादी-विवाह के आयोजन होंगें।
दुकानदार भी दे रहे हैं पैकेज

एक ओर जहां मलमास खत्म होने से पहले ही ग्रामीण इलाकों में इसके बाद आने वाले सावों को लेकर तैयारियां शुरु कर दी गई। वहीं दूसरी ओर कस्बे के बाजारों में भी दुकानदार भी लोगों को लुभाने एवं उन्हें जोधपुर जैसे शहरों में जाने से रोकने के लिए छोटे से लेकर बड़े सामान जैसे एसी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन व टेलीविजन सहित अन्य उत्पादों पर ग्राहकों को पैकेज मुहैया करवा रहे हैं। इसके साथ ही कपड़े और अन्य शादी समारोह में लेन-देन की वस्तुएं भी पैकेज में उपलब्ध करवा रहे हैं। कपड़ों आदि में ग्रामीण ग्राहक व खासकर महिलाएं व युवा राजस्थानी परिधान सहित कुर्ता-पायजामा, लहंगे आदि ज्यादा खरीदना पसंद कर रहे हैं।

Published on:
14 Jan 2019 11:49 pm