
जोधपुर. कोरोना महामारी के इस दौर में अब डिप्थीरिया (गलाघोंटू) व डेंगू वायरस का खतरा भी मंडरा है। इस बीमारी को लेकर राज्य सरकार ने चिंता जाहिर की है। विशेषकर जुलाई से दिसंबर माह तक विशेष ध्यान रखने को कहा है। राज्य सरकार ने चेताया हैं कि देश के १२ राज्यों में वर्ष २०१९ के सर्विलेंस डाटा के अनुसार डिप्थीरिया के ३२०० रिपोर्टेड केसेज माह जुलाई से दिसंबर मध्य पाए गए थे।
इनमें से दो तिहाई केसेज टीकाकरण के लिए या तो ड्रॉप आउट थे या लेफ्ट आउट रहे। एेसे में सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है कि इस पर फोकस रखा जाए, वरना ये बीमारी और अधिक भारी पड़ सकती है। गलाघोंटू बीमारी के डीपीटी व टीडी वैक्सीन छूटे हुए लाभार्थियों को लगाने के निर्देश निकाले हैं। डिप्थीरिया के टीके बच्चों को तय टीकाकरण तिथि पर लगाने को कहा है। टीडी वैक्सीन १० से १६ वर्ष की आयु के मध्य लगाने के लिए कहा है। सभी चिकित्सा संस्थानों को डिप्थीरिया एंटीटॉक्सीन व एंटीबायोटिक की उपलब्धता निश्चित करने के निर्देश निकाले गए हैं।
जुलाई को डेंगू रोकथाम माह के रूप में मनाएंगे
इधर, राज्य सरकार ने बारिश के मौसम के मद्देनजर जुलाई को एंटी डेंगू माह के रूप में मनाने के लिए कहा है। चिकित्सा विभाग को नगर निगम के गड्ढ़े भरवाने, डे्रनेज की रूकावट दूर करने, स्लम क्षेत्रों में सफाई कराने को कहा है। रूके हुए जल में एमएलओ का छिडक़ाव आदि कराने को कहा है। टांकों में टेमिफोस का छिडक़ाव व सरोवरों में मबुसिया मछलियां डालने के निर्देश निकाले हैं। डेंगू रोकथाम के लिए अभियान चलाने को कहा है।
गांवों से ज्यादा मामले आ रहे
डिप्थीरिया के मामले सर्दियों मे ज्यादा आते हैं। मरीज गांव से ज्यादा निकल कर आ रहे हैं। वैक्सीन नहीं कराने से डिप्थीरिया केस बढ़ रहे है।
- डॉ. नवनीत अग्रवाल, प्रोफेसर, इएनटी विभाग, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज