
पीपाड़सिटी (जोधपुर). डिस्कॉम श्रमिक संघ के रविवार को हुए जिला अधिवेशन में तकनीकी सहायकों को नियम विरुद्ध फीडर इंचार्ज का पदनाम देकर कार्य बोझ बढ़ाने को असंवैधानिक बताते देते हुए श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध न कराकर मौत के मुंह में धकेलने की डिस्कॉम की नीति की कड़ी आलोचना की गई।
इसके साथ कम्पनी नियम व श्रमिक कानूनों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए एकजुटता का आह्वान किया है। मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष महेंद्रसिंह कच्छवाह ने श्रमिकों के संघर्ष में हर सम्भव सहयोग का आश्वासन देते हुए राज्य सरकार के साथ डिस्कॉम को आड़े हाथों लिया।
अधिवेशन का उदघाटन करते हुए राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष सीताराम गुप्ता ने कहा कि अधिकारों की सुरक्षा के लिए श्रमिकों को एक मंच पर आकर संघर्ष करने से ही सफलता मिल सकती हैं। मुख्य वक्ता विद्युत मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मधुसूदन जोशी ने श्रमिकों पर बढ़ते काम के बोझ के बावजूद अतिरिक्त मानदेय नहीं देने को आर्थिक शोषण की संज्ञा दी।
जिलाध्यक्ष रामकरण रियाड़ ने अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए अतिथियों का आभार जताते हुए संघ की ओर से श्रमिकों के हितार्थ किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला।
राजस्थान विद्युत श्रमिक महासंघ के कार्यकारी अध्यक्ष सोहनसिंह जैतमाल, प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश दाधीच, प्रदेश महामंत्री विजयसिंह बघेल, जिलाध्यक्ष मोहनलाल माली, भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष नारायणसिंह राजपुरोहित, विधि प्रभारी ओपेन्द्रसिंह चारण, लवजीत सिंह पंवार, जब्बरसिंह पंवार, प्रेमसिंह कच्छवाह ने श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं की ओर ध्यानाकर्षित किया।
अधिवेशन में राजस्थान विद्युत तकनीकी कर्मचारी संघ के एक सौ नए सदस्यों को बीएमएस की सदस्यता प्रदान कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित कर उनको तत्काल लागू कराने का आह्वान किया। अधिवेशन में ग्रामीण क्षेत्रों से पांच सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।