
जोधपुर
सूरसागर क्षेत्र के कबीरनगर में संचालित न्यू लाइफ फाउण्डेशन नशा मुक्त केन्द्र में मरीज की संदिग्ध मौत के मामले में केन्द्र संचालक जावेद की ओर से उसके विरुद्ध दायर एफआइआर निरस्त कराने के लिए दायर याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में जस्टिस डॉ. पीएस भाटी की पीठ में सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता की ओर से बहस करने की इजाजत मांगने पर कोर्ट ने चार सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में चालान पेश करने पर कोई रोक या स्टे जारी नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि शराब का नशा छुडाने लिए केंद्र में भर्ती कराए गए रसाला रोड (पावटा) निवासी साजिद उर्फ संजू की गत 1 मई की रात संदिग्ध मौत हो गई थी। मृतक के भाई इमरान ने केन्द्र संचालक के खिलाफ सूरसागर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
अदालत में मृतक साजिद के भाई की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मगराज सिंघवी ने कहा कि आरोपी जावेद के विरुद्ध पुलिस ने जांच पूरी कर ली है और भारतीय दंड संहिता की धारा 304 का आरोप प्रमाणित पाया है। आरोपी ने बगैर योग्यता के साजिद को दवाइयां दी, इंजेक्शन लगाए और मृत्यु कारित की।
सरकार की ओर से राजकीय अधिवक्ता मूलसिंह पंवार ने पुलिस जांच के तथ्यों से कोर्ट को अवगत करवाया। न्यू लाइफ फाउण्डेशन नशा मुक्ति केन्द्र और ऐसे कुछ अन्य केन्द्रों के अवैध संचालन के खिलाफ एक शिकायत पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लेकर राज्य सरकार से जवाब मांग रखा है।