
जोधपुर.
आतंकी हमले में इस्तेमाल होने के बाद ड्रोन की उड़ान पर पाबंदी लगाई गई थी। ड्रोन या अन्य फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स का उपयोग करने से पहले अनुमति लेना आवश्यक है। कम वजनी ड्रोन को उड़ाने से पहले संबंधित पुलिस को सूचित करना है, लेकिन पंचायत चुनावों में प्रचार-प्रसार के लिए ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं। इनकी रिकॉर्डिंग का सोशल मीडिया पर प्रचार में इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्र में ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर खतरा नहीं है, लेकिन नियमों का उल्लंघन है।
भीड़-भाड़ व प्रचार दिखाने में ड्रोन का उपयोग
जिले में तीन में से दो चरणों के तहत पंचायत चुनाव हो चुके हैं। एक सितम्बर को अंतिम चरण के मतदान होने हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्याशियों के कैम्प, डोर-टू-डोर प्रचार करने के दौरान उमडऩे वाली भीड़ दिखाने के लिए कुछ जगह ड्रोन उड़ाए गए थे। मारवाड़ी गानों के साथ रि-मिक्स कर ड्रोन के वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए हैं। ओसियां व पीपाड़ क्षेत्र में ड्रोन उड़ाए जाने की जानकारी मिली है।
सैन्य क्षेत्र में ड्रोन उडऩे पर दर्ज हो चुकी है एफआइआर
रातानाडा के सैन्य क्षेत्र में गत दिनों ड्रोन उड़ता दिखाई दिया था। जो बाद में गायब हो गया था। सैन्य अधिकारियों ने पुलिस को सूचित किया था। इस पर 22 अगस्त को अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ ड्रोन उड़ाने पर एफआइआर दर्ज की गई थी। ड्रोन उड़ाने के संबंध में यह संभवत: पहली कार्रवाई है।
ड्रोन के लिए तैनात किए गए थे शूटर
स्वतंत्रता दिवस पर ड्रोन से आतंकी हमले की आशंका जताई गई थी। केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया गया था। उम्मेद राजकीय स्टेडियम में मुख्य समारोह के दौरान आस-पास की ऊंची इमारतों पर शॉर्प शूटर भी तैनात किए गए थे। इन्हें ड्रोन नजर आने पर गोली मारने तक के आदेश थे।
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‘ ड्रोन के इस्तेमाल से पहले अनुमति जरूरी है। चुनावों में यदि कहीं ड्रोन उड़ाए जा रहे हैं तो पता लगाकर कार्रवाई कराएंगे।’
अनिल कयाल, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) जोधपुर।