
जोधपुर।
मारवाड़ में प्रमुखता से खाया जाने वाला बाजरा लोगों के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खोल रहा है। पौष्टिकता से भरपूर व स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुकूल बाजरा को मोटे अनाजों में ग्लोबल पहचान मिल रही है। बाजरा के विभिन्न उत्पादों की देशभर में डिमाण्ड बढ़ रही है। लोग बाजरा को अब नए तरीके, नए कलेवर में इसके विभिन्न प्रोडक्ट्स बनाकर आय अर्जन कर रहे है। इसमें महिलाएं भी आगे आ रही है। इसी कार्य में कुड़ी निवासी रूचिका लीला बाजरा के बिस्कुट आदि प्रोडक्ट्स बनाकर अपना रोजगार चला रही है।
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घरेलू स्तर से शुरू किया काम
रुचिका ने बताया कि उन्होंने लघु उद्योग भारती की ओर से करीब तीन माह पूर्व महिलाओं के लिए उद्यमिता विकास कार्यक्रम में काजरी में बाजरा के प्रोडक्ट्स बनाने का प्रशिक्षण मिला। प्रशिक्षण के बाद, उसने अपने घर से ही छोटे स्तर पर बाजरा के बिस्किट बनाने का काम शुरू किया और परिचितों को टेस्ट कराया। शुरुआत में प्रोडक्ट्स की क्वालिटी को लेकर दिक्कतें आई, लेकिन धीरे-धीरे क्वालिटी में सुधार आया। अब वह बाजरा के साथ नारियल, तिल फ्लेवर के अलावा बाजरा के नमकीन कुकीज आदि तैयार कर रही है।
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कम समय में मिला अच्छा रेस्पॉंस
रुचिका ने बताया कि जोधपुर से कुछ लोगों से अच्छे ऑर्डर मिलने लगे और काम चलने लगा। इसके बाद, जयपुर आदि शहरों में लगने वाले फेयर्स में भाग लिया, जहां से जयपुर, भोपाल, दिल्ली के ऑर्डर मिलने लगे। लोगों को विशेष रूप से बाजरा के बिस्किट्स की क्वालिटी पसंद आने लगी व रिपीट ऑर्डर मिलने लगे। वर्तमान में कई शहरों से ऑर्डर मिल रहे है।