
जोधपुर.
शहर के निकटवर्ती सालावास रेलवे स्टेशन के पास गुरुवार देर रात तेज रफ्तर व लापरवाही से आ रहे एक डम्पर की चपेट से एक युवक की मृत्यु हो गई। डम्पर को भगा ले जाने व बोरानाडा थाना पुलिस के देरी से पहुंचने से गुस्साए ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। एक एएसआई के चोट आई और चेतक का कांच फूट गया। पुलिस व आरएसी के अतिरिक्त जाब्ते ने हल्का बल प्रयोग कर शव मोर्चरी भिजवाया और परिजन से समझाइश की।
पुलिस व प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कांकाणी की तरफ से एक डम्पर सालावास रेलवे स्टेशन के पास पहुंचा। तेज रफ्तार व लापरवाही के चलते डम्पर ने सडक़ किनारे पैदल जा रहे एक युवक को पीछे से चपेट में ले लिया और उसे कुचलते हुए निकल गया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई। आस-पास रहने वाले ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस को सूचना दी गई। बोरानाडा थाने से दूरी अधिक होने से पुलिस को पहुंचने में समय लग गया। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए।
बजरी माफिया व पुलिस की मिलीभगत से आए दिन होने वाले हादसों के प्रति रोष जताने लगे। तभी कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। विरोध व अंधेरे में पथराव होने से एकबारगी पुलिस भी सकते में आ गई। पथराव से एक एएसआई की आंख के पास चोट आई। चेतक (फ्लाइंग) का कांच भी फूट गया। पुलिस को वहां से पीछे हटना पड़ा।
बाद में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) अनंत कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त (बोरानाडा) सिमरथाराम और आठ थानाधिकारी पुलिस बल और आएसी के साथ मौके पर आए।
उन्होंने ग्रामीणों के साथ ही परिजन से समझाइश की। पुलिस लवाजमा देख और सख्ती के चलते भीड़ कम हो गई। बाद में शव मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी भेज दिया गया। इस पर परिजन ने आपत्ति जताई, लेकिन अधिकारियों ने उन्हें समझाइश कर शांत कराया और डम्पर को जल्द पकडऩे का विश्वास दिलाया। मृतक का नाम मनोहर मेघवाल बताया जाता है।
आक्रोश : बजरी के डम्परों से आए दिन हादसे
ग्रामीणों का आरोप है कि रोक के बावजूद बजरी का अवैध परिवजन हो रहा है। पुलिस की मिलीभगत से रातभर बजरी से भरे डम्पर तेज रफ्तार में निकलते हैं। जिससे हर समय हादसे की आशंका रहती है। ग्रामीणों ने बजरी परिवहन रोकने और डम्पर को पकडऩे की मांग की।