
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय और राजस्थान शिक्षा विभाग अब एक्टिविटी बेस्ड लर्निंग (एबीएल) कार्यक्रम का द्वितीय चरण शुरू करेगा। इसके तहत प्रदेश में 3097 आदर्श स्कूलों का चयन किया गया है। इसमें जोधपुर जिले के 126 स्कूल शामिल हैं। यह कवायद कक्षा 1 व 2 के विद्यार्थियों की नींव मजबूत करने के लिए है। इसमें गतिविधि आधारित अधिगम से कक्षा-कक्षीय प्रक्रिया को रचनात्मक व नवीन शिक्षण विद्या से उत्पन्न कर शिक्षण कार्य होगा। हालांकि राजकीय विद्यालयों में स्टेट इनिशिएटिव फॉर क्वालिटी एजुकेशन के अंतर्गत सतत और व्यापक मूल्यांकन, बाल केन्द्रित शिक्षण संचालन भी किया जा रहा है। शिक्षा विभाग इन गतिविधियों के चलते कक्षा-कक्षों में बच्चों का ठहराव भी करवा रहा है।
स्कूलों में बनेगा एक्टिविटी रूम
एबीएल कार्यक्रम के लिए शिक्षा विभाग 16 गुणा 20 के कक्षा-कक्ष को एक्टिविटी रूम के तौर पर विकसित करेगा। इसका निर्माण सर्व शिक्षा अभियान, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी व जनसहयोग से करवाने को कहा गया है। इसको लहर कक्ष की तर्ज पर विकसित किया जाना है ताकि 40-50 विद्यार्थी आसानी से बैठ सके। इसके अलावा श्यामपट्ट की दीवार के अतिरिक्त बच्चों के बैठने की तीन फिट ऊंची दीवार पर ब्लैक बोर्ड पेंट करवाया जाएगा। 2 गुणा 3 के बॉक्स को सफेद लाइन से विभक्त किया जाएगा। श्याम पट्ट के दायीं दीवार पर हिन्दी, बायीं दीवार पर अंग्रेजी व सामने की दीवार पर गणित विषय के लिए सुरक्षित रखी जाएगी। विद्यार्थियों के लिए डिस्पले बोर्ड, कथाचित्र बोर्ड, आकृति के नाम व चित्र व रंगों के नाम व चित्र भी होंगे। साथ ही एसएमसी व एसडीएमसी कोष से 1 हजार रुपए की शिक्षण सामग्री भी स्कूल क्रय करेंगे। जिला स्तर से अविलंब एसएमसी को राशि हस्तानांतरित करनी है। 15 अक्टूबर तक कक्ष में कार्य करवाना है। कार्यक्रम सहायक अचलसिंह ने बताया कि पूर्व में प्रथम चरण में 75 स्कूलों का चयन किया गया था। उन्होंने कहा कि भुगतान स्वीकृति आते ही राशि जारी कर दी जाएगी।
जिले का नाम - द्वितीय चरण के तहत इतने स्कूलों में एबीएल कार्यक्रम
जयपुर - 289
जोधपुर - 126
अजमेर - 94
भरतपुर - 120
बीकानेर - 78
कोटा - 44
उदयपुर - 112
नागौर - 157
बाड़मेर - 84
जैसलमेर - 17
पाली - 83
जालोर - 56
सिरोही - 30
(ये कुछ जिलों के आंकड़े हैं, प्रदेश के कुल 33 जिलों में 3097 स्कूलों में एबीएल कार्यक्रम शुरू होगा। )