सांगरिया में विधायक संग विद्यालय कार्यकम में बोले शिक्षा राज्यमंत्री
बासनी (जोधपुर). शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा कि स्कूल में विद्यार्थियों का नामांकन बढाओ और फैकल्टी ले जाओ। ये बात उन्होंने जनप्रतिनिधियों से कही, जो ग्राम पंचायतों में खोले गए स्कूलों को क्रमोन्नत करने की मांग कर रहे थे। वे यहां रविवार को सांगरिया में विधायक संग विद्यालय कार्यक्रम में बोल रहे थे। देवनानी ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर फैकल्टी की संख्या बढ़ेगी। उन्होंने विद्यालय क्रमोन्नत करने के लिए उस फॉर्मूले का भी जिक्र किया।
जिसमें उन्होंने कहा कि ४० बच्चों पर एक फैकल्टी और १०० बच्चे होते ही २ और १२० बच्चे बोर्ड की परीक्षा में बिठाने पर उस स्कूल पर ३ फैकल्टी लगा देंगे। उन्होंने स्कूल में मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा में संस्कारों की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मातृ-पितृ पूजन कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि अच्छे संस्कारों से ही मजबूत राष्ट्र का निर्माण होगा। विधायक जोगाराम पटेल ने पांडाल में खड़े रहकर बालिकाओं से अपने अभिभावकों का मातृ-पितृ पूजन कराया।
गुरुजनों, भामाशाह और होनहारों का सम्मान
इस मौके पर कार्यक्रम में अपनी स्कूलों में शत प्रतिशत परिणाम देने वाले शिक्षक और लूणी में ९० प्रतिशत से ज्यादा अच्छे अंक लाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। साथ ही राउमावि सांगरिया, राउमावि शाहपुरा, रामावि न्यू मंडी के होनहारों का भी सम्मान किया। राष्ट्रीय स्तर पर सॉफ्टबॉल में प्रथम स्थान लाने वाली आरती भील, सुरेश किशन को सम्मानित किया। साथ ही सर गांव में पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान देने वाले नोखा के भामाशाह पदमाराम कुलरिया परिवार का सम्मान किया गया।
इस मौके पर जोधपुर संभागीय आयुक्त रतन लाहोटी, एडीएम मानाराम पटेल, एसडीएम अयूब खान, बीडीओ गणपत लाल सुथार, महापौर घनश्याम ओझा, शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़, विधायक सूर्यकांता व्यास, लूणी प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र प्रताप सिंह पाल, बिलाड़ा प्रधान सुमित्रा विश्नोई, लोहावट प्रधान भागीरथ विश्नोई, बापिणी प्रधान कमू कंवर, शेरगढ़ प्रधान तगाराम भील, पंचायत समिति सदस्य गिरवर सिंह शेखावत, कुड़ी भाजपा मंडल अध्यक्ष चंद्रलाल खावा, एडवोकेट अशोक पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद थे। संचालन श्याम सिंह सजाड़ा ने किया।