
ओमाराम (पत्रिका फोटो)
शेरगढ़ (जोधपुर): ग्राम पंचायत सोइंतरा के अमरपुरा गांव निवासी एक युवक एक वर्ष पूर्व मजदूरी के लिए सऊदी अरब गया था। लेकिन वहां उसे न तय वेतन मिला और न ही स्वदेश लौटने का मौका। पासपोर्ट जब्त होने के बाद हालात बिगड़ते गए और अब वह रियाद में जेल में बंद है।
परिजनों के अनुसार, अमरपुरा गांव निवासी ओमाराम पुत्र आदुराम को जिस शेख के पास काम मिला, वहां उसे लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ा। शेख ने न तो वेतन दिया और न ही पासपोर्ट लौटाया। मजबूरी में उसने अपने रिश्तेदार राजूराम (सोमेसर) से संपर्क किया और कुछ समय तक बिना वैध वीजा के काम करता रहा।
इसी दौरान रियाद पुलिस को बिना पासपोर्ट और वीजा के काम करने की जानकारी मिलने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी से पहले उसने अपने छोटे भाई बुधाराम को फोन कर पासपोर्ट गुम होने की जानकारी दी थी।
परिवार ने बताया कि शुक्रवार को रियाद जेल से ओमाराम की अपने भाई से बातचीत हुई, जिसमें उसने भारत सरकार से मदद की अपील की। उसने कहा कि उसका पासपोर्ट और वीजा दोबारा जारी करवाया जाए, ताकि वह जेल से बाहर आ सके। उसके वीजा की अवधि अभी लगभग पांच महीने शेष है।
ओमाराम विवाहित है और उसके परिवार में माता-पिता सहित चार भाई हैं। परिजनों ने उसकी सुरक्षित स्वदेश वापसी की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़ से हस्तक्षेप की अपील की है तथा जल्द कार्रवाई कर उसे भारत लाने की मांग की है।
Published on:
06 May 2026 10:26 am
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