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जज आत्महत्या मामला: पिता बोले- काश…मैंने उस दिन ‘हां’ न कहा होता, अब तो उम्रभर का पछतावा

जज अमन शर्मा आत्महत्या मामले में नया खुलासा हुआ है। पिता प्रेम कुमार ने बहू स्वाति पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे आत्महत्या नहीं, हत्या बताया। उनका कहना है कि घटना की रात वे बेटे को समझाते रहे, लेकिन सुबह अमन ने पत्नी की चुन्नी से फांसी लगा ली।

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अलवर

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Arvind Rao

May 06, 2026

Judge Aman Sharma Suicide Case

Judge Aman Sharma Suicide Case (Patrika Photo)

Judge Aman Sharma Case: न्यायिक सेवा के अधिकारी अमन शर्मा की आत्महत्या ने कानूनी गलियारों से लेकर आम जनता तक को झकझोर कर रख दिया है। एक पिता, जो खुद पेशे से वकील हैं, आज न्याय की गुहार लगा रहे हैं अपने ही बेटे के लिए।
अमन के पिता प्रेम कुमार शर्मा का दर्द अब आक्रोश में बदल चुका है और उनके निशाने पर है उनकी बहू, जो खुद भी एक जज हैं।

'काश! मैंने उस दिन 'हां' न कहा होता'

प्रेम कुमार शर्मा के लिए आज सबसे बड़ा दुख वह सहमति है, जो उन्होंने चार साल पहले अपने बेटे को दी थी। उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग के दौरान जब अमन ने स्वाति से शादी करने की इच्छा जताई, तो पिता ने बिना देर किए 'हां' कर दी थी।

आज वही 'हां' उनके सीने में किसी खंजर की तरह चुभ रही है। पिता का कहना है कि अगर उन्होंने उस वक्त मना किया होता, तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता।

मौत की रात: पिता और पुत्र के बीच की वो आखिरी बातचीत

घटना वाली रात को याद करते हुए प्रेम कुमार भावुक हो जाते हैं। अमन का फोन आने के बाद वे तुरंत अलवर से दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने बताया, पूरी रात पिता और बेटा एक ही कमरे में रहे। प्रेम कुमार रात भर अमन को समझाते रहे, उसे ढांढस बंधाते रहे। अमन परेशान था, लेकिन उसने खुलकर अपनी तकलीफ जाहिर नहीं की। सुबह होने तक सब कुछ ठीक लग रहा था, पर अमन के भीतर चल रहे तूफान का अंदाजा किसी को नहीं था।

'यह आत्महत्या नहीं, हत्या है'

अमन के पिता ने इस घटना को सीधे तौर पर 'हत्या' करार दिया है। उन्होंने अपनी बहू स्वाति पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पिता का आरोप है कि स्वाति ने अपनी आंखों के सामने अमन को चुन्नी ले जाते देखा, उसे पता था कि वह क्या करने जा रहा है, लेकिन उसने उसे रोकने की कोशिश नहीं की और न ही पिता को कोई इशारा किया।

प्रेम कुमार ने कहा, एक जज के पद पर बैठी महिला इतनी कठोर और निर्दयी कैसे हो सकती है? उसने अपने पति को मरते देखा और मदद के बजाय वहां से भागना बेहतर समझा। पिता को इस बात का भी मलाल है कि घटना के बाद स्वाति के परिवार की ओर से एक फोन तक नहीं आया। सांत्वना देना तो दूर, उन्होंने संपर्क करना भी जरूरी नहीं समझा।

बाथरूम में सुसाइड और पत्नी का फरार होना

घटना के वक्त घर में अमन, उनकी पत्नी स्वाति, स्वाति की बहन, चाचा और अमन के पिता मौजूद थे। बताया जा रहा है कि झगड़े के दौरान अमन अपनी पत्नी की चुन्नी लेकर बाथरूम में घुस गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया।

सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि जब अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो स्वाति ने शोर मचाने या दरवाजा तोड़ने के बजाय अपने बच्चों को लिया, अपनी बहन और चाचा को मैसेज कर बाहर बुलाया और कार में बैठकर वहां से फरार हो गई।

टूट गया परिवार, अधूरे रह गए सवाल

अमन शर्मा और स्वाति की शादी को महज 4 साल हुए थे। प्रेम कुमार ने बताया कि पिछली कुछ मुलाकातों में उन्हें लगा था कि दोनों के बीच अनबन है, लेकिन अमन ने कभी अपनी मां या उनसे कुछ नहीं कहा। मेरी बहू ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं, जिस पत्नी को ढाल बनना चाहिए था, वही उसकी मौत की वजह बन गई।