जोधपुर

Raj Elections 2018 : 24 घंटे काम + 24 स्पेशल, +24 एक्सपेरिमेंट्स =. 44 % वोटिंग

जोधपुर.जोधपुर जिले में अधिकाधिक मतदान करवाने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी और उनकी टीम ने दिन रात एक कर दिया और इसका नतीजा यह हुआ कि मतदान के प्रतिशत में अच्छा खासा इजाफा हुआ। उन्होंने सुचारु मतदान और मतदान प्रतिशत बढ़वाने के लिए सुबह 9 से रात 12 बजे तक काम किया। यहां तक कि कलक्टर ने तो दो महीने से छुट्टी ही नहीं ली।    
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Dec 10, 2018
 jodhpur Election : 24 hours work 24 specials 24 experiments.44 % voting
jodhpur Election : 24 hours work 24 specials 24 experiments.44 % voting

जोधपुर. मिटा दे खाक में खुद को अगर कुछ मर्तबा चाहे, कि दाना खाक में मिल कर गुले गुलजार होता है। जोधपुर जिले में अधिकाधिक मतदान करवाने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी और उनकी टीम ने दिन रात एक कर दिया और इसका नतीजा यह हुआ कि मतदान के प्रतिशत में अच्छा खासा इजाफा हुआ। उन्होंने सुचारु मतदान और मतदान प्रतिशत बढ़वाने के लिए सुबह 9 से रात 12 बजे तक काम किया। यहां तक कि कलक्टर ने तो दो महीने से छुट्टी ही नहीं ली।

शानदार काम करने और करवाने की स्पिरिट

स्पिरिट एेसी थी कि जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला कलक्टर डॉ. रविकुमार सुरपुर ने विधानसभा चुनाव के दौरान पहली बार 24 अफसरों की टीम के साथ 24 नवाचार किए। इससे न सिर्फ मतदान का प्रतिशत बढ़ा, बल्कि जिले में शांतिपूर्ण मतदान भी संभव हो सका। इसके लिए खुद जिला कलक्टर 2 महीने से बिना छुट्टी लिए सुबह 9 से रात 12 बजे ऑफिस में काम करते रहे। इस दौरान उन्हें स्वाइन फ्लू भी हुआ, यहां तक कि डॉक्टर ने अस्पताल में भर्ती होने के लिए कहा, लेकिन उनका जज्बा इतना जबरदस्त रहा कि उन्होंने महज एक दिन बेड रेस्ट किया, मगर उस दिन भी घर को ही ऑफिस बना दिया। यही जज्बा उनकी टीम के अफसरों ने भी दिखाया।


24 नवाचार
कलक्टर की टीम ने 24 नवाचारों के साथ काम किया। इनमें वीवीपैट, सी विजिल, एसएमएस से मतदान का अपडेट, 1950० कंट्रोल रूम, एमसीएमसी, सुविधा, कर्मचारियों को मतदान ड्यूटी के लिए प्रोत्साहित करने का वीडियो, कर्मचारियों के लिए मोबाइल एटीएम, आदर्श मतदान केंद्र, महिला मतदान केंद्र, सुगम, जिले भर में मानव शृंखला से मतदान जागरूकता का संदेश, पे-मैनेजर, फोटोयुक्त मतदाता पर्ची, मतदाताओं को जागरूक करने के लिए बिजली के बिल, मिठाई के डिब्बे, गैस सिलेंडर, पानी की टंकी, धार्मिक स्थल, टोल प्लाजा, शादी समारोह, मतदान केंद्र और एयर बैलून से मतदाता जागरुकता अभियान के अलावा जजों को इवीएम व वीवीपैट प्रक्रिया की जानकारी देना शामिल था।

स्पेशल 24 टीम पर भी 10 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव की जिम्मेदारी

इस चुनाव में जिला व उप जिला निर्वाचन अधिकारी के बाद मुख्य भूमिका रिटर्निंग अधिकारियों की रही। उन्होंने विधानसभा क्षेत्रों में नामांकन से लेकर मतगणना तक चुनाव सम्बधित हर काम करवाए। इनमें सरदारपुरा क्षेत्र के महिपाल भारद्वाज, शहर क्षेत्र के जवाहर चौधरी, सूरसागर क्षेत्र की सुमित्रा पारीक, फलौदी क्षेत्र के आलोक जैन, लोहावट क्षेत्र के राजेंद्रसिंह चारण, शेरगढ़ क्षेत्र के महावीरसिंह जोधा, ओसियां क्षेत्र के रतनलाल रैगर, भोपालगढ़ क्षेत्र के रामानंद शर्मा, लूणी क्षेत्र के जावेद अली और बिलाड़ा क्षेत्र के मुकेश चौधरी ने जिला निर्वाचन अधिकारी की भावना के अनुरूप पूरी दक्षता से काम किया।

कर्मचारियों की ड्यूटी
कार्मिक प्रकोष्ठ प्रभारी राजेंद्रसिंह राठौड़ पर चुनाव के दौरान हर सेक्शन में कर्मचारियों की डयूटी और छुट्टियों के आवेदन सम्बधित जिम्मेदारी थी। सबसे बड़ी चुनौती चुनाव के दौरान छुट्टियों की अर्जियों का निस्तारण करना था। इनके प्रयास से चुनाव के दौरान 710 अर्जी में 348 मंजूर की गई। वहीं 362 अर्जियां खारिज कीं और 161 का मेडिकल कराया और बहाना बनाने वाले 24 कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया।

स्वीप व मतदाता जागरूकता अभियान प्रभारी
जिला परिषद सीइओ अविचल चतुर्वेदी ने स्वीप के तहत 10 नवाचार से ईवीवी और वीवीपैट से मतदान प्रक्रिया की जानकारी हर मतदाता तक पहुंचाई। मतदाताओं को जागरूक करने का ही परिणाम है कि इस बार जिले में मतदान पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में.44 प्रतिशत बढ़ा।

दो महीने बिना छुट्टी डयूटी
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि टीम ने दो माह तक बिना छुट्टी के दिन-रात काम किया। इनमें जयपुर निर्वाचन विभाग से समन्वयक का काम आकांक्षा बैरवा, ट्रांसपोर्ट व कानून व्यवस्था प्रभारी सीमा कविया, सोहनलाल, एमसीएमसी के अनुराग भार्गव व साक्षी पुरोहित, पोस्टल बैलेट के देवाराम सुथार, आइटी व मोबाइल एप के रवि माथुर, पर्यवेक्षक व रिपोर्ट प्रेषित करने का काम वीपी सिंह, भोजना व्यवस्था ओमप्रकाश बिश्नोई के जिम्मे था।

सतरह हजार एक सौ कर्मचारी
जिले की 10 विधानसभा क्षेत्रों में शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान करवाने क लिए निर्वाचन कर्मचारियों के साथ विभिन्न सुरक्षा एंजेसियों के 17 हजार, 100 कर्मचारी लगाए गए थे। इनमें निर्वाचन विभाग के 10 हजार, 200, पुलिस कमिश्नरेट के 3400, ग्रामीण पुलिस, आरएसी की चार कम्पनियां , होमगार्ड 1 हजार और सीएपीएफ (अद्र्ध सैनिक बल) की नौ कम्पनियां समेत 3500 जवान लगाए गए।

टीम ने समन्वय से काम किया
'मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी और फिर शांतिपूर्ण चुनाव कराना सबसे बड़ी चुनौती थी। यह पूरा काम टीम पर निर्भर रहता है और उनकी टीम ने जिस कोऑर्डिनेशन और कई नवाचार के साथ काम किया। इसी का परिणाम है कि चुनाव शांतिपूर्ण रहा।

-डॉ. रविकुमार सुरपुर , जिला निर्वाचन अधिकारी व कलक्टर

Published on:
10 Dec 2018 05:53 pm