
जोधपुर. फाल्गुन माह शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज के रूप में मनाया गया। अबूझ सावे के रूप में मान्य फुलेरा बीज पर शहर के विवाह स्थलों पर बैण्ड, बाजा, बारातों की धूम रही। फूलेरा बीज की तिथि रविवार को ही शुरू होने से कई जगहों पर दो दिनों तक विवाह आयोजन हुए।
ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार वैसे तो होली के एक पखवाड़े पूर्व ही विवाह का शुभ मुहूर्त समाप्त हो जाता है, जबकि फुलेरा दूज शुभ दिनों में से एक होने के कारण अबूझ मुहूर्त माना जाता है। यही कारण है कि इस दिन पाणिग्रहण संस्कार होते है। फूलेरा बीज 14 मार्च को शाम 5.06 बजे से सोमवार शाम 6.49 बजे तक रही। उत्तर भारत के राज्यों में ज्यादातर शादी समारोह फुलेरा दूज को ही संपन्न किए जाते है।
शुभ विवाह के मुहूर्त 25 अप्रेल से
जोधपुर के प्रमुख ज्योतिषियों के अनुसार 14 फ रवरी 2021 से 17 अप्रैल 2021 तक शुक्र ग्रह तारा अस्त होने से शुभ कार्य व शुभ विवाह मुहूर्त नहीं हैं। लेकिन अबूझ मुहूर्त होने से विवाह किए जाते है। शुभ विवाह के श्रेष्ठ मुहूर्त 25 अप्रैल 2021 से पुन: आरम्भ हो जाएंगे।