
खरीफ ऋतु मे मूंग की फसल को बढावा देने हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र, फलोदी द्वारा कालीमाली गाँव में 25 किसानों को मूंग की खरीफ में बुवाई के लिए उन्नत किस्म (जीएएम-5) का प्रति किसान एक एकड़ का फसल प्रदर्शन दिया गया था। पीत शिरा मोजेक वायरस के प्रति प्रतिरोधी तथा 60 -65 दिन मे पकने वाली इस किस्म की औसत उपज लगभग 17 से 18 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। कार्यक्रम में किसानों को खेत दिवस के उद्देश्य बताए गए तथा किसानों से प्रतिक्रिया ली गयी। जिसमें क्लस्टर में दिए गये खरीफ मूंग की उन्नत किस्म जीएएम-5 के बारे में किसानों ने बताया कि इस किस्म का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा तथा मूंग की यह किस्म इस क्षेत्र के लिए अनुकूल है। साथ ही अगले साल बड़ी संख्या मे आसपास के किसान इस किस्म को अपनाना चाहते है। प्रगतिशील किसान हरखाराम, उत्तमाराम ने अनुरोध किया कि यह किस्म कृषि विज्ञान केन्द्र, फलोदी पर विक्रय के लिए उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। जिससे इस क्षेत्र के किसानों को आसानी से बीज उपलब्ध होने से अपनाने मे आसानी रहे। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. महेन्द्र सिंह चांदावत ने किसानों को आधुनिक समय में टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग करके खेती खर्च को कम करके अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने की सलाह दी। उन्होंने केन्द्र के वैज्ञानिको का मार्गदर्शन लेकर नवीनतम तकनीकों का कृषि में समावेश करने पर बल दिया। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र फलोदी के शस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. मनमोहन पूनिया तथा पौध संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. गजानंद नागल ने भाग लिया।