
जोधपुर।
इस बार खरीफ सीजन में मौसम में बहुत उतार-चढ़ाव दिख रहा है, जो फ सलों पर बार-बार विपरीत असर डाल रहा है। ऐसे ही विपरीत मौसम से प्रभावित हुए फ सल उत्पादन से होने वाले आर्थिक नुकसान की जोखिम से बचाने के लिए प्रधानमंत्री बीमा योजना चलाई जा रही है। किसानों की सारी उम्मीदें इस योजना पर टिकी हुई है। प्रधानमंत्री फ सल बीमा योजना का किसानों को समुचित लाभ नहीं मिलने को लेकर योजना के क्रियान्वयन को लेकर सवाल भी उठते रहे है। फ सल बीमा गाइडलाइन के अनुसार फ सल बीमा होने के 10 दिन में मोबाइल पर एसएमएस व 10 अगस्त तक ग्राम स्तर पर कैम्प की जानकारी देकर 15 सितम्बर तक फ सल बीमा पॉलिसी किसानों को बांटने का प्रावधान है लेकिन अभी तक जिले के अधिकांश किसानों को बीमा पॉलिसी नहीं बांटी गई है, इससे किसानों को बीमित फ सल व रकबे की जानकारी नहीं मिल रही है।
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किस फसल का कितना बीमा, किसानों को जानकारी ही नहीं
दरअसल ऋ णी किसानों का स्वत: ही फ सल बीमा कर लिया जाता है। ऐसे में किसानों को इसकी जानकारी ही नहीं मिल पाती कि उनकी कितने रकबे में कौनसी फ सल का कितने का बीमा हुआ है। वहीं फ सल बीमा से संबंधित समस्याओं के निस्तारण के लिए जिला स्तरीय शिकायत निवारण समिति (डीजीआरसी) की हर माह बैठक करके किसानों से फ सल बीमा संबंधी शिकायतें लेने का प्रावधान भी है। भारतीय किसान संघ ने कृषि निदेशक को इसकी शिकायत भी की थी , इसके बावजूद किसानों को डीजीआरसी की बैठक की जानकारी नही दी गई है, ऐसे में आशंका यह भी है कि उक्त बैठकें हुई भी या नहीं।
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फैक्ट फ ाइल
गत खरीफ 2020 में जारी हुई बीमा पॉलिसी- 432906
खरीफ 2021 में बुवाई - 1147400 हैक्टेयर
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किसानों को फसल बीमा पॉलिसी वितरण कार्य चल रहा है। जो किसान वंचित रह गए है, वे सुपरवाइजर से संपर्क कर पॉलिसी ले सकते है।
डॉ जेआर भाखर, उप निदेशक
कृषि विस्तार, जोधपुर
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जिला प्रशासन की ओर से शिकायत निवारण समिति की बैठक की किसानों को जानकारीं नही दी जाती है। पॉलिसी वितरण समय पर नहीं हो रहा है, ऐसे में किसानों को फसल बीमा दावा करने में दिक्कतें आ रही है।
मेघाराम तरड़, जिला मंत्री
भारतीय किसान संघ