
पूनासर (जोधपुर). कस्बे में स्थित 33 केवी विद्युत सब स्टेशन पर शुक्रवार सुबह छह बजे किसान अपने कृषि कनेक्शनों पर लाइट फॉल्ट होने की सूचना देने व टूटे हुए जम्पर को ठीक करवाने के लिए विद्युत सब स्टेशन पहुंचे तो कर्मचारियों ने दरवाजा खोलना भी मुनासिब नहीं समझा।
जीएसएस के कर्मचारी किसानों की समस्या सुनने की बजाए सोते रहे जब किसानों ने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से जवाब मिला दस बजे बाद आना, इससे पहले कोई काम नहीं होगा। जबकि उन किसानों की एक दिन में छह घंटे मिलने वाली बिजली का समय बीतता जा रहा था।
बाहर खड़े किसानों ने कर्मचारियों को बाहर से आवाज लगा करके जम्पर को ठीक करके विद्युत सप्लाई चालू करने का आग्रह किया लेकिन कर्मचारियों पर कोई असर नहीं हुआ।
परेशान किसानों ने बापिणी जेईन व एईन को फोन लगा करके विद्युत सप्लाई सुचारू करवाने का आग्रह किया तब जाकर कर्मचारियों की नींद खुली।
इसके बाद भी एक कर्मचारी किसानों से कहने लगा कि मुझे बापिणी से शटडाउन दिलवाओ तो ही झम्पर ठीक करूं, नहीं तो 10 बजे बाद ही करूंगा। किसानों की फसल को इस समय सर्वाधिक पानी की जरूरत होने के कारण किसान सुबह 6 बजे ही विद्युत सब स्टेशन पहुंच गए थे लेकिन शुक्रवार को किसानों को पूरी बिजली नहीं मिल पाई। जेईन और एईन से आग्रह करके जम्पर जुड़वाया।
इस मौके पर कमलेश लोल, परमवीर लोल, पूनाराम, ओमप्रकाश, अन्नाराम, दीपाराम, गुमानाराम, संदीप सहित कई किसान मौजूद थे।
इनका कहना है
एक किसान ने मुझे फोन किया था, किसानों को झम्पर जोडऩे से मना किसने किया है, मैं पता करूंगा
- मनीष तिवारी, एईन बापिणी