
जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से तबादले किए जाने के आदेशों और इसकी बॉल विधायकों के पाले में डालने के बाद नेताओं के घर एक बार फिर से कर्मचारियों व उनके परिजनों की फेरी शुरू हो गई हैं। चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, सार्वँजनिक निर्माण विभाग व डिस्कॉम सहित कई महकमों के कर्मचारी तबादलों के लिए इन दिनों नेताओं के दफ्तरों के चक्कर निकाल रहे हैं। जबकि जिले के सभी कांग्रेस विधायकों को मिलाए तो सैकड़ों से ज्यादा परिवेदनाएं उनके यहां पहुंच चुकी हैं।विधायक नहीं तो पीए को सुना रहे दुखड़ा
कर्मचारी इन दिनों विधायक के जनसुनवाई के समय ही उनके निवास या दफ्तर पहुंच जाते हैं। हालांकि कई विधायक इन दिनों मिल नहीं रहे हैं। ऐसे में कुछ तो हताश लौट रहे हैं और कुछ उनके पीए के समक्ष ही अपना दुखड़ा रो देते हैं। ज्यादातर तबादला कराने के इच्छुक गांवों व शहर से बाहर लगे हुए हैं। जो जिस विधानसभा क्षेत्र में लगना चाहता हैं, वह उसी क्षेत्र के विधायक के यहां पहुंच रहा है।
कार्यकर्ताओं को ले जा रहे साथकई कर्मचारी व उनके परिजन तबादला कराने के लिए कार्यकर्ताओं को विधायकों के घर ले जा रहे है। कर्मचारियों को लग रहा हैं कि कार्यकर्ता ले जाने से विधायक व उनके दफ्तर में अच्छा रेस्पांस मिलेगा। वहीं कार्यकर्ता अपने मिलने वालों का संगठन से भी दबाव बना रहे हैं। ऐसे में संगठन के शीर्ष पदाधिकारी भी विधायकों तक अप्रोच पहुंचा रहे हैं।
जरूरतमंदों के सह्रदयता से होंगे तबादले
कार्यकर्ताओं के रिश्तेदारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा जो जरूरतमंद कर्मचारी हैं, उनके कार्य सह्रदयता से किए जाएंगे।
- सलीम खान, जिलाध्यक्ष, शहर जिला कांग्रेस कमेटी उत्तर
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तबादला सत्ता का पार्ट, मैं संगठन का पार्ट
मैं संगठन का पार्ट हूं। तबादलों में रूचि नहीं लूंगा। तबादला सत्ता का पार्ट है, वह एमएलए जाने।
- नरेश जोशी, जिलाध्यक्ष, शहर जिला कांग्रेस कमेटी दक्षिण