
जोधपुर.
वीर दुर्गादास राठौड़ ओवरब्रिज पर कार को टक्कर मारने वाले चालक को पकडक़र शास्त्रीनगर थाने लाकर सुपुर्द करने के बाद छोड़ देने के मामले में पुलिस खुद की खाल बचाने में जुट गई है। आरोपी चालक व थाने आए उसके साथी को बगैर कोई कार्रवाई किए थाने से छोड़ देने की बात मीडिया में लीक होने पर बीच में रोकी एफआईआर दर्ज मंगलवार रात दर्ज की गई। उधर, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) मोनिका सेन का कहना है कि एसीपी (पश्चिम) से पुलिस की भूमिका की जांच कराई जाएगी।
तीस घंटे तक रोकने के बाद एफआईआर दर्ज
चौहाबो निवासी जिम संचालक राज गहलोत की कार को वीर दुर्गादास राठौड़ ओवरब्रिज पर सोमवार दोपहर में एक अन्य कार चालक ने पीछे से टक्कर मार दी थी। चालक कार को भगा ले गया था। राज ने पीछा कर इंजीनियरिंग कॉलेज में वह कार पकड़ी थी और चालक गजेन्द्र सिंह को साथ लेकर थाने पहुंचा था। फिर कार में सवार उसका दोस्त भी वहां आ गया था। राज गहलोत ने दोनों के खिलाफ लिखित शिकायत दी थी। पुलिस ने दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। एंडोर्समेंट रोक लिया गया। इस बीच, दोनों आरोपी थाने से गायब हो गए। इस संबंध में राजस्थान पत्रिका ने थानाधिकारी रमेश शर्मा से बात की तो उन्होंने दोनों युवकों की तलाश करने की बात स्वीकारी, लेकिन गायब हो जाने को लेकर जानकारी से मना किया। एफआईआर दर्ज होने के संबंध में वे कोई जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद पुलिस ने तुरत-फुरत में रात को मामला दर्ज किया।
एसीपी से जांच कराई जाएगी : डीसीपी सेन
पुलिस की कार्यशैली को लेकर बुधवार को पत्रिका में समाचार प्रकाशित होने के बाद पुलिस उपायुक्त मोनिका सेन ने जांच का विश्वास दिलाया। उन्होंने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस की भूमिका के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त (पश्चिम) से जांच कराई जाएगी। वो अभी छुट्टी पर हैं।