
जोधपुर।
राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली राज्यों के कृषि विज्ञान केन्द्रों की वार्षिक समीक्षा के लिए क्षेत्रीय कार्यशाला का समापन रविवार को हुआ। कार्यशाला में कान्टेक्ट फ ार्मिंग एक्ट (हिस्सा खेती अनुबंध) चर्चा की गई कि कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा हिस्सा खेती के लिए अनुबंध का प्रारूप अंतिम चरण पर है। इसके अंतर्गत अब व्यापारी किसानों के बीच 100 रुपए के स्टाम्प पर अनुबंध होगा तथा उसमें फ सल की कीमत तय की जाएगी। अगर फ सल कटाई के बाद उत्पाद की कीमतें घट जाती है तो अनुबंध में तय कीमत के तहत किसान को भुगतान करना होगा और यदि बढ़ जाती है तो किसान बढ़ी हुई कीमत प्राप्त करने के हकदार होंगे।
केवीके को मजबूत बनाने पर जोर
तीन दिवसीय ऑनलाइन कार्यशाला में कृषि विज्ञान केन्द्रों (केवीके) को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही जोर दिया गया कि प्रगतिशील किसान के साथ आम किसान जब कृषि विज्ञान केन्द्रों पर पहुंचेगा, तब उनकी सार्थकता सिद्ध होगी। जोधपुर कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ ईश्वरसिंह ने बताया कि पश्चिमी राजस्थान के सभी कृषि विज्ञान केन्द्र, प्रसार शिक्षा निदेशालय के माध्यम से ऑनलाइन कार्यशाला में अपनी वार्षिक प्रगति रिपार्ट को प्रस्तुत की।