
जोधपुर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों के शव मिलने का सनसनीखेज़ मामला सामने आया है। चारोना सदस्यों के शव संदिग्ध अवस्था में एक खेत में मिले हैं। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को प्रारम्भिक रूप से सामूहिक आत्महत्या का मान रही है। हालांकि घटना स्थल के आस-पास के लोगों और मृतक परिवार के अन्य सदस्यों से पूछताछ के बाद ही वास्तविक घटना का पता चल सकेगा।
जानकारी के अनुसार, जोधपुर जिले के देचू थाना क्षेत्र के तहत आने वाले एक ग्रामीण इलाके में स्थित खेत पर एक ही कृषक परिवार के 4 सदस्यों के शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए, जिसके बाद इसकी इत्तला स्थानीय पुलिस को दी गई।
प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार परिवार के मुखिया किसान ने पहले अपनी पत्नी का गला घोंटा, फिर बेटा और बेटी का गला घोंटकर मारा, और आखिर में खुद फंदे से झूलकर आत्महत्या कर ली। मृतकों की शिनाख्त किसान गेनाराम (35), पत्नी पुष्पा (32), बेटी खुशबू (13), बेटा किशन (11) के तौर पर हुई है।
सभी निवासी रोहट जिला पाली, पिछले चार साल से देचू में कृषि फार्म पर कृषि कार्य परिवार सहित कर रहे थे, अपने गांव से कल कृषि फार्म पर आए थे, कृषि फार्म पर चारपाई पर पत्नी व बच्ची व बच्चे के शव पड़े मिले, किसान ने खुद ने फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी
इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। इधर देचू थाना पुलिस के उच्च अधिकारियों की मौजूदगी में घटनास्थल का मुआयना किया गया। प्रथम दृष्टया इसे एक सामूहिक आत्महत्या का मामला मानते हुए जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, मृतक एक ही परिवार के सदस्य हैं। पूरा परिवार लंबे समय से इसी खेत पर कृषि कार्य से जुड़ा हुआ था। घटना स्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया है।
सभी 4 शवों को कब्जे में लेकर स्थानीय अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया गया है, जहां मेडिकल बोर्ड द्वारा उनका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पुलिस इस एंगल से जांच कर रही है कि परिवार के सामने ऐसी क्या विकट परिस्थितियां थीं, जिसके कारण उन्हें यह आत्मघाती कदम उठाना पड़ा।