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राजस्थान बनेगा सौर ऊर्जा का ‘पावर बैंक’, दिन में सूरज की बनाई बिजली रात में भी आएगी काम

Rajasthan Solar Energy: राजस्थान अब केवल सौर ऊर्जा उत्पादन में ही नहीं, बल्कि ऊर्जा भंडारण (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम-बीइएसएस) में भी देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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जोधपुर

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Anil Prajapat

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Updated: 29 Jun 2026, 2:21 PM IST

Rajasthan solar energy

सोलर। फोटो: पत्रिका

जोधपुर। राजस्थान अब केवल सौर ऊर्जा उत्पादन में ही नहीं, बल्कि ऊर्जा भंडारण (बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम-बीइएसएस) में भी देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड सितंबर तक 1000 मेगावाट बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता शुरू करने की तैयारी मे है। इसके अलावा राज्य सरकार ने 2027 तक कुल 6000 मेगावाट बैटरी स्टोरेज क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है।

पश्चिमी राजस्थान में दिन में बड़ी मात्रा में सौर ऊर्जा पैदा होती है, लेकिन मांग कम होने पर काफी बिजली का उपयोग नहीं हो पाता। बैटरी स्टोरेज सिस्टम इस अतिरिक्त बिजली को संग्रहित करेगा और शाम तथा रात के पीक आवर्स में ग्रिड को आपूर्ति करेगा। इससे बिजली की उपलब्धता चौबीसों घंटे सुनिश्चित हो सकेगी। पहले बीकानेर फिर जैसलमेर व जोधपुर में भी इसके लिए योजना बनाई जा रही है। बैटरी स्टोरेज से कोयला आधारित बिजली संयंत्रों पर निर्भरता कम होगी, ग्रिड की स्थिरता बढ़ेगी और पीक डिमांड के समय बिजली कटौती की आशंका भी घटेगी। इसे "राउंड-द-क्लॉक ग्रीन पावर" रणनीति का प्रमुख आधार माना जा रहा है।

क्या है बीइएसएस

यह अतिरिक्त बिजली को बैटरियों में संग्रहित करने की तकनीक है। सौर या पवन ऊर्जा से बनी अतिरिक्त बिजली को स्टोर कर जरूरत के समय उपयोग किया जाता है। इससे ग्रिड की स्थिरता बढ़ती है और महंगे थर्मल बिजली संयंत्रों की जरूरत कम होती है।

राजस्थान की बैटरी स्टोरेज योजना

  • सितंबर 2026 तक : 1000 मेगावाट करने बैटरी स्टोरेज क्षमता शुरू करने का लक्ष्य।
  • 2027 तक लक्ष्य : 6000 मेगावाट स्टोरेज क्षमता।
  • 3 हजार मेगावाट के रिन्यूएबल एनर्जी के स्रोत पश्चिमी राजस्थान में लगे हैं।
  • 325 दिन प्रदेश में धूप रहने से सोलर जनरेशन सबसे ज्यादा होता है।

घरों पर भी बन रहे पावर बैंक

बड़े सोलर पार्क के अलावा घरों पर लगे रूफ टॉप सिस्टम पर भी पावर बैंक बन रहा है। दिन में बनी बिजली को स्टोर करने के लिए लिथियम आधारित बैटरी का चलन बढ़ रहा है। रात में पावर कट होने पर बड़ी क्षमता के एसी व कई उपकरण भी अब सोलर से बनी बिजली संचय से चल रहे हैं।

एक्सपर्ट व्यू

रिन्यूएबल एनर्जी को स्टोरेज करने का कॉन्सेप्ट काफी फायदे वाला होगा। वर्तमान में सोलर जनरेशन पूरा ग्रिड में चला जाता है और रात में पीक खपत होने पर इसका उपयोग नहीं होता। लेकिन अब घरों में भी नए जमाने के इंवर्टर व पावर बैंक काफी उपयोगी साबित हो रहे हैं।
-ओंकार सिंह, सचिव, सोलर इकाइ लद्यु उद्योग भारती