जोधपुर

गिरदावरी मिली तो पंजीयन सीमा समाप्त, कई किसान उपज बेचने से रहेंगे वंचित

बापिणी (जोधपुर). राजफैड की ओर से खरीफ की फसलों की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण के लिए पहले तो गिरदावरी देरी से मिली, अब गिरदावरी मिली तो बापिणी, लोहावट, ओसियां, मथानियां व फलोदी के केन्द्रों पर पंजीयन सीमा समाप्त होने से किसानों का पंजीयन नहीं हो पा रहा है।
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Oct 14, 2018
Giridavari got the registration deadline
गिरदावरी मिली तो पंजीयन सीमा समाप्त, कई किसान उपज बेचने से रहेंगे वंचित

देणोक/बापिणी/पूनासर (जोधपुर). राजफैड की ओर से खरीफ की फसलों की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीकरण के लिए पहले तो गिरदावरी देरी से मिली, अब गिरदावरी मिली तो बापिणी, लोहावट, ओसियां, मथानियां व फलोदी के केन्द्रों पर पंजीयन सीमा समाप्त होने से किसानों का पंजीयन नहीं हो पा रहा है। इससे कि सान ठगा सा महसूस कर रहे है क्योंकि पंजीयन के अभाव में वे अपना उपज इन केन्द्रों पर बेच नहीं पाएंगे।

राजफैड ने 3 अक्टूबर से ऑनलाइन मूंग, व मूंगफली सहित खरीफ की फसलों की खरीद के लिए ऑनलाइन पंजीयन शुरू किया है। पंजीयन के लिए किसानों को गिरदावरी की नकल देना अनिवार्य रखा गया। राजस्व विभाग की ओर से बापिणी पंचायत समिति के किसानों को गिरदावरी नकल 10 अक्टूबर को देनी शुरू की गई। अन्य पंचायत समितियों में भी गिरदावरी देरी से मिली।

किसानों का आरोप है कि देरी से गिरदावरी मिलने के बावजूद पंजीयन सीमा समाप्त कैसे हो गई। जब क्षेत्र के किसानों के पास गिरदावरी ही नहीं थी तो इतने किसानों ने पंजीयन कैसे करवा दिया। पिछले वर्ष की खरीद के दौरान किसी भी केंद्र की अधिकतम टोकन संख्या निर्धारित नहीं थी जबकि इस बार यह आदेश निर्धारित टोकन पूरे होने के बाद जारी किए गए।

बापिणी खरीद केंद्र प्रभारी भोमसिंह धोलासर का कहना था कि अभी बारदाना नहीं मिला है हम बारदान मिलते ही खरीद शुरू कर देंगे। जबकि राजफेड के फलोदी जनरल मैनेजर ने कहा कि अधिकतम कूपन पंजीयन संख्या पूर्ण हो गई है तो अब हम कुछ नहीं
कर सकते है।

निम्बों के तालाब के किसान गुलाब सिंह, गौरव सैनानी राय सिंह सिसोदिया, डूंगर सिंह, रामसिंह सिसोदिया, श्रवण सिंह, मघ सिंह, हड़मान पंचारियां, कान सिंह, नखताराम लखारा सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि क्षेत्र के किसान सोमवार को इस मामले को लेकर विभागीय उच्चाधिकारियों एंव अन्य अधिकारियों से मिलेंगे और ज्ञापन सौंपेगे।

इधर, ई-मित्र संचालकों ने बताया कि विभाग की वेबसाइट चालू रखने का समय सुबह 10 से शाम 7 बजे के बीच रखा गया है लेकिन वेबसाइट बार-बार बन्द होने से किसानों के टोकन कटने से पहले ही अटक जाते है और अटके हुए टोकन को निकलवाने व दूसरी बार पंजीयन करवाने के लिए किसानों को प्रार्थना पत्र पेश करना पड़ता है तभी दोबारा पंजीयन संभव है। इसके चलते किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत नहीं मिली

किसानों ने अभी तक कोई शिकायत नहीं की है। यदि ऐसा है तो उक्त मामले की विभागीय अधिकारियों से बात करके उचित कार्रवाई करवाई जाएगी।
-रतनलाल रेगर, उपखण्ड अधिकारी ओसियां

मिलेंगे अधिकारियों से

पिछले दो दिनों से किसान मूंग की फसल खरीद के लिए ई-मित्रों पर पंजीयन करवाने जा रहे है, लेकिन मूंग की ऑनलाइन पंजीयन नहीं होने से किसानों में रोष है इसकी शिकायत सोमवार को विभागीय अधिकारियों से की जाएगी।

भोम सिंह चौहाण, देणोक, अखिल भारतीय किसान संघ जिला उपाध्यक्ष

किसानों को रियायत मिलनी चाहिए क्योंकि किसानों ने गिरदावरी के अभाव में पंजीयन नहीं करवा पाये थे राजफेड को पंजीकरण क्षमता बढा कर के वापस पंजीयन शुरू करना चाहिए जिससे किसानों अपना पंजीयन नजदीकी खरीद केन्द्र
पर करवा सके।
- घमण्डाराम जाणी उपाध्यक्ष भाकिस पूनासर।

Updated on:
14 Oct 2018 11:23 am
Published on:
14 Oct 2018 11:23 am