
जोधपुर। राज्य सरकार ने जोधपुर संभाग के माडा, माडा कलस्टर एवं बिखरी जनजाति क्षेत्र के अनुसूचित जनजाति समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए मारवाड़ क्षेत्रीय जनजाति विकास बोर्ड (माडा) का गठन किया गया है। जनजाति क्षेत्रीय विकास (टीएडी) विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में काम करने वाले क्षेत्रीय बोर्ड का मुख्यालय जोधपुर होगा। इसमें अध्यक्ष, सदस्य सचिव, 13 पदेन सदस्य एवं समुदाय के 6 प्रतिष्ठित लोग गैर सरकारी सदस्य होंगे। सिरोही के विधायक संयम लोढ़ा लम्बे समय से क्षेत्रीय बोर्ड गठित करने की मांग कर रहे थे। राज्य सरकार ने मंगलवार को बोर्ड गठन के आदेश जारी कर दिए।
परामर्शदात्री संस्था के रूप में करेगा काम
बोर्ड जोधपुर संभाग के अनुसूचित जनजाति समुदाय के उत्थान एवं विकास के विषय में स्थाई परामर्शदात्री संस्था के रूप में कार्य करेगा। इसके लिए विशेष योजनाओं का निर्माण कर टीएडी एवं अन्य विभागों के माध्यम से क्रियान्वित करने के लिए राज्य सरकार को संस्तुति करेगा। राज्य सरकार बोर्ड को हर साल बजट राशि उपलब्ध करवाएगी। सदस्य सचिव कार्य योजना तैयार कर बोर्ड से अनुमोदन के पश्चात् टीएडी आयुक्त को भेजेंगे। टीएडी आयुक्त कार्य योजना पर राज्य सरकार का अनुमोदन कराकर विभिन्न विभागों के सहयोग से क्रियान्वित कराने के लिए उत्तरदायी होंगे।
टीएडी सचिव होंगे चेयरमैन
बामणिया ने बताया कि टीएडी विभाग के प्रमुख शासन सचिव बोर्ड के अध्यक्ष एवं जोधपुर संभागीय आयुक्त सदस्य सचिव होंगे। जोधपुर, पाली, बाड़मेर, जालौर, सिरोही एवं जैसलमेर जिले के जिला कलक्टर, जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं विभाग के अतिरिक्त आयुक्त (चतुर्थ) पदेन सदस्य होंगे। इसके अलावा संभाग के प्रत्येक जिले से अनुसूचित जनजाति समुदाय के एक-एक प्रतिष्ठित व्यक्ति को राज्य सरकार तीन साल के लिए मनोनीत करेगी। जरूरत होने पर विभिन्न संभागीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों को स्थाई अथवा विशेष आमंत्रित सदस्य भी बनाया जा सकेगा।