जोधपुर

सरकार देती नहीं है और निगम खरीद नहीं रही हाइपोक्लोराइट

- अब क्षेत्र विसंक्रमण के लिए नहीं होते प्रयास - डिमांड होने पर ही होता है छिडक़ाव  
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Jul 23, 2020
सरकार देती नहीं है और निगम खरीद नहीं रही हाइपोक्लोराइट
सरकार देती नहीं है और निगम खरीद नहीं रही हाइपोक्लोराइट

जोधपुर. कोविड-19 की जब शहर में एंट्री हुई तो शहरवासियों से लेकर प्रशासन तक सजग था। जब तक लॉकडाउन रहा तब तक यह जागरूकता रही। लोगों के डर के मारे अपने आप को सीमित रखा। जिस गली में पहले संक्रमित मिलता वहां का पूरा क्षेत्र विसंक्रमित किया जाता था। सार्वजनिक स्थानों व मार्ग पर भी हाइपोक्लाराइट का छिडक़ाव होता था। कई स्वयंसेवी संगठन भी इस काम में अपना योगदान दे रहे थे। लेकिन अब जब संक्रमण पहले से कई गुना बढ़ गया है और विसंक्रमित करने की जरूरत पहले से ज्यादा है तो यह काम ठप पड़ गया है। सरकारी स्तर पर भी इसको लेकर कोई सख्ती नहीं दिखाई जा रही है।
तीन चौथाई शहर कवर करने का दावा

लॉकडाउन अवधि में नगर निगम की ओर से पहले 7 हजार लीटर हाइपोक्लाराइट खरीदा गया था। इसके बाद कई अन्य संगठनों की ओर से भी यह रसायन उपलब्ध करवाया गया। इसके बाद एक अनुपात 7 में पानी के साथ मिलाकर इसका शहर में छिडक़ाव शुरू हुआ। लॉकडाउन अवधि में दावा यह किया गया कि करीब 75 प्रतिशत शहर का हिस्सा यानि तीन चौथाई शहर में इसका छिडक़ाव कर दिया गया।
अब यह स्थिति

हाइपोक्लोराइट की सरकारी सप्लाई न पहले हो रही थी और न अब हो रही है। निकाय स्तर पर जो खरीद पहले की जा रही थी, अब भी खरीद सीमित हो गई है। हालात यह है कि महज डिमांड होने या वीआइपी क्षेत्रों में ही यह छिडक़ाव होता है। हाल ही में गुरुवार को घंटाघर परिसर में हाइपोक्लोराइट का छिडक़ाव किया गया। निगम के उपायुक्त अश्विनी के. पंवार ने बताया कि जरूरत के हिसाब से अब भी खरीद हो रही है। कर्मचारियों को छोटे किट दे रखे हैं।

Published on:
23 Jul 2020 09:34 pm