जोधपुर

Government’s Uttern: जेएनवीयू को सौंपे फिर से जालोर-बाड़मेर के 141 कॉलेज

Government's Uttern: 19 जून को अधिसूचना जारी करके एमबीएम विवि को दिए थे- एमबीएम ने सम्बद्धता देने, फीस निर्धारण सहित कई काम कर दिए थे
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Jul 17, 2022
Government's Uttern: जेएनवीयू को सौंपे फिर से जालोर-बाड़मेर के 141 कॉलेज
Government's Uttern: जेएनवीयू को सौंपे फिर से जालोर-बाड़मेर के 141 कॉलेज

Government's Uttern: जोधपुर. राज्य सरकार ने करीब महीने भर पहले जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय से एमबीएम विश्वविद्यालय ट्रांसफर किए जालोर और बाड़मेर के समस्त 141 कॉलेजों को शुक्रवार को फिर से व्यास विवि को सौंप दिया।


सरकार ने आदेश जारी करके अपनी पूर्व की अधिसूचना को निरस्त कर दिया है। एक जुलाई से इन कॉलेजों को सम्बद्धता देने, फीस निर्धारण, नया पाठ्यक्रम, कॉलेजों के साथ बैठक सहित कई कार्य एमबीएम विवि ने संपन्न किए थे। यहां तक की एक सम्बद्धता सैल का गठन, उसमें नोडल अधिकारी की नियुक्ति, अलग-अलग कॉलेजों की अलग-अलग फाइलें सहित कई काम किए थे, जो अब धरे रह गए। सरकार ने 19 जून के आदेश से एक जुलाई से एमबीएम विवि को जालोर-बाड़मेर के कॉलेज सौंपने की अधिसूचना जारी की थी, जिसे 15 जुलाई को निरस्त कर दिया गया।


विद्यार्थी 50 हजार गए, राजस्व आधा रह गया
व्यास विश्वविद्यालय वर्ष 2013 में संभागीय विश्वविद्यालय बना था, तब जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, पाली और जोधपुर जिले के कॉलेजों को इससे संबद्ध किया गया था। सितम्बर 2021 में एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज से एमबीएम विश्वविद्यालय बना। राज्य सरकार ने पिछले महीने जालोर और बाड़मेर के कॉलेजों को एमबीएम विश्वविद्यालय को सौंप दिया। जेएनवीयू में वर्तमान में करीब 1 लाख 50 हजार विद्यार्थी है, जिसमें से 50 हजार विद्यार्थी स्वयंपाठी हैं। नियमित विद्यार्थियों की संख्या एक लाख है। जालोर-बाड़मेर के कॉलेज जाने से जेएनवीयू के 50 हजार विद्यार्थी कम होने के साथ उसका राजस्व भी आधा रह गया।


पेंशनर्स व शिक्षकों ने किया था विरोध
पूर्व कुलपति प्रो. गंगाराम जाखड़ व प्रो. भंवर सिंह राजपुरोहित, एमबीएम एल्यूमिनी एसोसिएशन के प्रो. एस.एस. टाक, जेएनवीयू शिक्षक संघ के सचिव हेमसिंह गहलोत सहित पूरे व्यास विवि तथा जेएनवीयू के पेंशनर्स ने सरकार के इस निर्णय का पूरजोर विरोध किया था। विरोध का आलम यह था कि वर्तमान कुलपति प्रो. के.एल. श्रीवास्तव ने जालोर-बाड़मेर के 141 कॉलेजों की एक पंक्ति भर की सूचना एमबीएम विवि को नहीं सौंपी थी। भारी विरोध के बाद सरकार को यू टर्न लेना पड़ा। हमने कॉलेजों को इस साल के लिए सम्बद्धता भी दे दी।


चौंकाने वाला निर्णय
हमने कई कमेटियां बना दी। कॉलेजों की इस साल की सम्बद्धता दे दी, उनकी सम्बद्धता फीस भी आनी शुरू हो गई और अब सरकार का यह निर्णय चौंकाने वाला है।
- प्रो. अजय शर्मा, कुलपति, एमबीएम विवि जोधपुर

Updated on:
17 Jul 2022 04:03 pm
Published on:
17 Jul 2022 04:03 pm