जोधपुर

GST–ग्रेनाइट का करोड़ों का लेनदेन, मौके पर कुछ भी नहीं, मिले करोड़ों के फर्जी जीएसटी बिल

- स्टेट जीएसटी की एंटी इवेजन शाखा ने पकड़े 18 करोड़ के फर्जी बिल - टीम जयपुर से 600 किमी दूर बाड़मेर पहुंच कार्यवाही को दिया अंजाम
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Feb 13, 2021
GST--ग्रेनाइट का करोड़ों का लेनदेन, मौके पर कुछ भी नहीं, मिले करोड़ों के फर्जी जीएसटी बिल
GST--ग्रेनाइट का करोड़ों का लेनदेन, मौके पर कुछ भी नहीं, मिले करोड़ों के फर्जी जीएसटी बिल

जोधपुर।

स्टेट जीएसटी विभाग की एंटी इवेजन शाखा ने बड़ी कार्यवाही करते हुए 18 करोड़ रुपयों के फर्जी जीएसटी बिलों को उजागर किया है। विभाग के मुख्य आयुक्त अभिषेक भगोतिया के निर्देशानुसार स्टेट जीएसटी की एंटी इवेजन राजस्थान तृतीय टीम जयपुर ने कार्यवाही को अंजाम दिया। प्रकरण अनुसार बाड़मेर स्थित एक व्यवसायी ने पंजीयन प्राप्त कर तेलंगाना से ग्रेनाइट खरीद किया जाना दर्शाया तथा वापस इसी माल को तेलंगाना स्थित इसी फ र्म को बेचान करना दर्शाया। इस प्रकार माल का आदान प्रदान लगातार चलता रहा। इसके बाद तेलंगाना स्थित फ र्मो ने अपना पंजीयन निरस्त करवा लिया। स्टेट जीएसटी की टीम व्यापारी के घोषित व्यवसाय स्थल पर पहुंची तो पाया कि घोषित व्यवसाय स्थल धोरों के बीच में एक खेत में पाया गया। टीम ने वहां पर मौजूद खेत मालिक से पूछताछ की तो उसने बताया कि यहां पर इस नाम की कभी कोई फ र्म नहीं रही। उसके द्वारा केवल खेती का कार्य किया जाता है। जिस नाम की फ र्म बताई गई है उसको वह नहीं जानता है। व्यापारी के क्रेडिट लेजर में 7.45 करोड़ की आइटीसी घोषित की गई है। विभाग द्वारा इस आइटीसी को ब्लॉक कर दिया गया है।

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जयपुर से 600 किमी दूर बाड़मेर पहुंची टीम

विभाग के अतिरिक्त आयुक्त शक्तिसिंह राठौड़ ने बताया कि स्टेट जीएसटी की एंटी इवेजन तृतीय राजस्थान के उपायुक्त राजेश असवाल को इस मामले की जानकारी मिली थी। इसके बाद सहायक आयुक्त सुरेन्द्रकुमार सोनी, राज्य कर अधिकारी राजीव गुप्ता व आंजनेय भारद्वाज की टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित रूप से कार्यवाही करने के लिए जयपुर से 600 किलोमीटर की दूरी तय कर बाड़मेर के भी आगे एक गांव में पहुंची और कार्यवाही को अंजाम दिया, जहां टीम को करोड़ों के फर्जी जीएसटी बिल उजागर हुए।

Published on:
13 Feb 2021 07:17 pm