
जोधपुर. एक समय था जब नववर्ष सहित अन्य खुशी के मौकों पर अपनों को विश करने के लिए ग्रीटिंग कार्ड को काम में लिया जाता था। यूथ हो या बड़े सभी अपनों को बधाई संदेश देने के लिए काड्र्स खरीदते दिखाई दे जाते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। बदलते समय के साथ इनकी जगह सोशल मीडिया ने ले ली। नतीजन धीरे-धीरे ग्रीटिंग कार्ड का क्रेज भी लोगों में कम होने लगा है। अब से महज एक सप्ताह बाद नववर्ष आने वाला है। हर कोई अपनों को विश करने की तैयारी में है, लेकिन समय के साथ ही अब यह तैयारी भी सोशल ही हो गई है। इंटरनेट के युग मेें लोग घर बैठे मोबाइल से ही मैसेज भेज औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। इस बार भी यूथ स्मार्ट तरीके से ही अपनों को विश करने की तैयारी में लगा है।
लिखने से आसानी से व्यक्त होती है भावनाएं
कहा भी गया है कि बोलने से ज्यादा लिखना बेहतर होता है। साहित्य जगत से जुड़े लोगों की मानें तो लिखने का प्रभाव रिसीवर पर अच्छे से पड़ता है। इसमें लिखने वाला अपनी भावनाएं भी आसानी से व्यक्त कर सकता है। साथ ही यह लम्बे समय तक अमिट रहता है, लेकिन क्रेज कम होने से इन दिनों दुकानों में ग्रीटिंग काड्र्स की बिक्री भी कुछ खास नहीं हो रही है। जबकि सोशल मीडिया पर भावनाएं भी सही से व्यक्त नहीं हो पाती।
आ रहे लुभावने कार्ड
बाजार में कस्टमर का रूझान ग्रीटिंग कार्ड की तरफ बनाए रखने के लिए हर बार बाजार में नए-नए डिजाइनदार कार्ड उतारे जा रहे हैं। इस बार बाजार में म्यूजिकल कार्ड, खुशबुदार कार्ड व डिजाइनिंग कार्ड मौजूद हैं। क्योंकि कुछ समय पहले लोग साधारण कार्ड के माध्यम से ही शुभकामनाएं देते थे, लेकिन अब साधारण ग्रीटिंग की बजाय इन काड्र्स की डिमांड है। बाजार में इन दिनों 30 रुपए से शुरू होकर पंद्रह सौ रुपए तक के कार्ड मिल रहे हैं।
इनका कहना है-
ग्रीटिंग कार्ड की कीमत ज्यादा होने के साथ ही उसे पहुंचने में काफी समय भी लग जाता है, लेकिन सोशल मीडिया पर मैसेज की सुविधा बेहद सस्ती एवं सुलभ है। इससे समय की बचत भी होती है। स्वयं को भी आसानी होती है। जसमीन कौर
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इस बार न्यू ईयर पर सोशल मीडिया से ही अपनों को विश करुंगी। क्योंकि इसके माध्यम से एक ही समय में बहुत सारे लोगों को विश किया जा सकता है। इसमें समय व श्रम दोनों की बचत होती है। इसलिए यह बेहतर विकल्प है।
कोमल
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स्मार्टफोन से कुछ ही सैकेंड में बधाई अपनों तक पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा ग्रीटिंग कार्ड से बधाई देने का प्रोसीजर काफी लम्बा होता है। आजकल लोगों के पास इतना टाइम भी नहीं रहता है। इसलिए यह तरीका ही सही है।
डिम्पी गहलोत
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ग्रीटिंग कार्ड से एक समय में एक को ही बधाई भेज सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया से एक समय में सैकड़ों, हजारों लोगों को बधाई भेज सकते हैं। वैसे भी काड्र्स का चलन काफी पुराना हो गया है। अब यूथ इसे ही पसंद कर रहा है। काजल विनिता व्यास