जोधपुर

Gujarat election : गुजरात चुनाव में ताल ठोकने को तैयार, हरी झंडी मिलने का इंतजार

गुजरात विधानसभा चुनाव
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Gujarat election : गुजरात चुनाव में ताल ठोकने को तैयार, हरी झंडी मिलने का इंतजार
Gujarat election : गुजरात चुनाव में ताल ठोकने को तैयार, हरी झंडी मिलने का इंतजार

जोधपुर. गुजरात विधानसभा चुनावों (gujrat election 2023) की तारीखों का ऐलान कभी भी हो सकता है। कांग्रेस (congress) सिद्दत से चुनाव में उतर रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (cm ashok gehlot) चार दिन के चुनावी दौरे में यह संकेत दे चुके हैं। अब इंतजार है तो केवल उन कांग्रेस नेताओं को चुनावी बागडोर मिलने का, जिनका प्रवासी राजस्थानी मतदाताओं पर खासा प्रभाव है। संगठन के पदाधिकारियों को हरी झंडी मिलने का इंतजार है। पिछले चुनावों में अकेले जोधपुर संभाग से सौ से ज्यादा कांग्रेस नेताओं ने गुजरात में चुनावी बागडोर संभाली थी।

गुजरात की 182 में से 43 विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां बड़ी तादाद में प्रवासी राजस्थानी रह रहे हैं या उनका राजस्थान से रिश्ता है। इन सीटों पर राजस्थान के नेताओं को प्रचार-प्रसार के लिए भेजा जाता है। गुजरात के जिन जिलों में राजस्थानी मतदाताओं का दबदबा है, उनमें आणंद, कच्छ, सुरेन्द्रनगर, राजकोट, अहमदाबाद, मेहसाणा, बनासकांठा, वड़ोदरा और सूरत प्रमुख हैं। यहां प्रवासी राजस्थानियों की आबादी निर्णायक है। जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर और शेखावाटी क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या में गुजरात में रहते हैं।

50 से ज्यादा नेताओं ने संभाला था मोर्चा

वर्ष 2017 के चुनावों में भी गुजरात के प्रभारी के अशोक गहलोत ही थे। इस कारण जोधपुर, जालोर, सिरोही जिलों से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं को चुनाव प्रचार में भेजा गया था। अकेले जोधपुर जिले से 50 से ज्यादा कांग्रेस पार्टी नेताओं ने चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसमें पशुधन विकास बोर्ड अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह सोलंकी, राज्य मेला प्राधिककरण उपाध्यक्ष रमेश बोराणा, जन अभाव अभियोग समिति सदस्य अजय त्रिवेदी, शांतिलाल लिंबा, विक्रमसिंह ईंदा, शेर मोहम्मद, प्रीतम शर्मा समेत कई पार्टी नेता शामिल है।

मंत्रियों ने संभाली बागडोर

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और गुजरात प्रभारी रघु शर्मा की अगुवाई में प्रदेश के 17 मंत्रियों और विधायकों को प्रभारी बनाकर गुजरात भेजा गया है। सभी मंत्री चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। कांग्रेस नेताओं की सक्रियता का असर यह रहा कि पिछले चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन में सुधार हुआ था। दूसरी तरफ, भाजपा करीब डेढ़ माह पूर्व ही अपने नेताओं को गुजरात में सक्रिय कर चुकी है। मारवाड़ क्षेत्र के वरिष्ठ नेताओं को विधानसभावार जिम्मा सौंपा गया है।


गुजरात चुनाव में बनासकांठा जिले का प्रभारी था। हर विधानसभा में कांग्रेस पदाधिकारियों ने चुनाव की बागडोर संभाली थी। इस चुनाव में भी पार्टी नेता प्रचार में जुटेंगे।

राजेन्द्रसिंह सोलंकी, कांग्रेस नेता एवं अध्यक्ष, पशुधन विकास बोर्ड

पिछले गुजरात चुनाव में जोधपुर से बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया था। इससे पार्टी को काफी मजबूती मिली थी।

अजय त्रिवेदी, प्रदेश सदस्य, जन अभाव अभियोग समिति

Published on:
02 Nov 2022 06:59 pm