
फलोदी/ जोधपुर. होली के नारेल की गधे पर सवार होकर जब बारात निकली तो हर किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई। होली के नारेल की बारात में शामिल मसखरों ने प्रेम, स्नेह व खुशियों का संदेश देने के लिए यह अनूठी परम्परा शुरू की है। इससे वे हर किसी को खुशी के माहौल के साथ प्रेम, भाईचारा का संदेश दिया। मसखरों ने अपनी चुलबुली अदाओं से होली पर मूर्खता में आनन्द लेते हुए होली का पर्व मनाने की सीख दी भी दी।
मनोरंजन के लिए अनूठी पहल
जानकारों की माने तो होली के इस पर्व पर सभी के चेहरे पर मुस्कुराहट आए, इसके लिए होली के नारेल की बारात सजाई गई, जिसमें दुल्हे से लेकर बाराती तक सभी विचित्र स्वांग में नजर आए। होली के नारेल ने दूल्हे का स्वांग रचाया और गधे पर बैठकर अपने बारातियों के साथ शहर भ्रमण के लिए रवाना हुआ। इस छिक्की में युवाओं ने अपने आपको विचित्र स्वांगों से परिभूषित किया हुआ था और वे रास्ते में आने वालों का मनोरंजन कर हंसी, ठिठोली करते हुए होली की खुशियों को चोगुना और ट्रेस को दूर कर रहे थे।
होली के नारेल की बारात में शामिल बाराती गुलाल व रंगों के साथ होली खेलते हुए अपने अदाओं से हर किसी को आकर्षित कर रहे थे। यह बारात मगरिया चोक, लटियाल माता मंदिर, सदर बाजार, भैय्यानदी, स्टेशन रोड, पत्थर रोड, त्रिपोलिया बाजार, राइका बाग जैसे मुख्य रास्तों से होकर शाही होली तक पहुंची, जहां परम्परागत तौर पर पूजा अर्चना व आरती के बाद बारात का विसर्जन किया गया।