जोधपुर

Rajasthan : बोरवेल पर टिकी थी सभी की निगाहें, पर उम्मीदें टूट गईं, परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया, पूरा नौसर दुख से रोया

Jodhpur Phalodi Borewell Accident : जोधपुर/नौसर. बोरवेल हादसे के बाद से ही परिजन और ग्रामीण भोमाराम के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद लगाए बैठे थे। सभी की निगाहें बोरवेल लगी हुई थी। दिल धकधक कर रहा था। आखिरकार यह उम्मीद मातम में बदल गई।
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Phalodi Borewell Accident : मृतक भोमाराम व गमजदा परिवार। फोटो पत्रिका

Jodhpur Phalodi Borewell Accident : जोधपुर/नौसर. बोरवेल हादसे के बाद से ही परिजन और ग्रामीण भोमाराम के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद लगाए बैठे थे। सभी की निगाहें बोरवेल पर लगी हुई थी। दिल धकधक कर रहा था। परिजन बार-बार आसमान की ओर देखते और भगवान से दुआ मांगते कि भोमाराम को बचा ले। हर गुजरते पल के साथ परिवार की चिंता बढ़ती रही, वहीं ग्रामीण भी लगातार मौके पर मौजूद रहकर परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। सभी को उम्मीद थी कि मासूम को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा, लेकिन आखिरकार यह उम्मीद मातम में बदल गई।

पूरे नौसर में शोक की लहर फैली

करीब 38 घंटे 40 मिनट तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलने के बाद शनिवार अलसुबह 3 बजकर 25 मिनट पर भोमाराम का शव बाहर निकाला गया। भोमाराम के शव को देखकर परिजनों के बीच हाहाकार मच गया। ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम की आंखें भी भर आई। परिवार का इकलौता चिराग बुझ गया, पूरे नौसर में शोक लहर फैल गई।

सरकार से विशेष राहत पैकेज और आर्थिक सहायता की मांग

भोमाराम को बचाने की उम्मीद में जुटे ग्रामीण अब परिवार को इस असहनीय दुख से उबारने के लिए आगे आ रहे हैं। एक मजदूर-किसान परिवार पर आई इस विपदा ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। अब ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को इस कठिन समय में आर्थिक और सामाजिक संबल देने का बीड़ा उठाया है।

प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस विभाग, विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों, ग्रामीणों और भामाशाहों ने परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने सरकार से विशेष राहत पैकेज और आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है।

जानें पूरा मामला क्या है?

फलोदी जिले के नौसर गांव की पूनियों की ढाणी ग्राम पंचायत में गुरुवार दोपहर 12 बजकर 45 मिनट पर भोमाराम 650 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने लगातार बचाव अभियान चलाया। चलाया। मासूम को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए। लेकिन आखिरकार उसे बचाया नहीं जा सका। शनिवार सुबह 3 बजकर 25 मिनट पर भोमाराम का शव बाहर निकाला गया।

पुलिस सुरक्षा के बीच शव को एम्बुलेंस से लोहावट के राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शनिवार सुबह शव परिजनों को सौंप दिया गया। इसके बाद गमगीन माहौल में मासूम का अंतिम संस्कार किया गया।

रेस्क्यू अभियान में अजमेर के किशनगढ़ से पहुंची एनडीआरएफ की टीम के 27 सदस्य जुटे रहे। वहीं, फलोदी और जोधपुर से पहुंची एसडीआरएफ की टीम में 17 सदस्य शामिल थे। जालोर के रेस्क्यू विशेषज्ञ मादाराम की टीम भी मौके पर पहुंची और अभियान में सहयोग किया।

Updated on:
17 Oct 2026 08:44 pm
Published on:
17 Oct 2026 08:44 pm