
जोधपुर. जोधपुर अपनेआप में अनूठा है। यहां की नौजवान पीढ़ी की रगों में सेवा का जज़्बा दौड़ता है। ये इस माटी के संस्कार हैं कि लोग औरों की जान बचाने के लिए खुद की सगाई से पहले प्लाज्मा दान कर रहे हैं तो कोई जरूरतमंदों को प्लाज्मा देने से शहर से बाहर जा रहा है।
सोलंकी ने सगाई से पहले किया प्लाज्मा दान
नाम हितेश सोलंकी। शुक्रवार दोपहर को सगाई थी। जोधपुर ब्लड डोनर समूह के विशाल जे डेविस का उनके पास फोन जाता है। डेविस ने दुर्लभ रक्त समूह रखने वाले एबी नेगेटिव के लिए सोलंकी को फोन किया। हितेश ने तुरंत सगाई की तैयारी छोड़ एमडीएम अस्पताल में मरीज पेसूमल को प्लाज्मा देने पहुंचे। निजी अस्पताल में भर्ती नारायणसिंह के लिए नरेन्द्रसिंह राठौड़ ने दूसरी बार ए पॉजिटिव, राधेश्याम धूत के लिए नरेन्द्र सोनी ने बी नेगेटिव प्लाज्मा डोनेट किया। मीडिया प्रभारी विजय अरोड़ा व समन्वयक अनिल कोठारी ने सभी प्लाज्मा डोनर्स का आभार जताया।
जरूरत पड़ी तो अजमेर में प्लाज्मा देने पहुंच गए विजय
भदवासिया निवासी विजय सोनी के पिता की जुलाई में प्लाज्मा विलंब से मिलने के कारण मौत हो गई। विजय के लिए इन दिनों प्लाज्मा डोनेशन जुनून बना हुआ है। विजय अब तक एमडीएम अस्पताल में तीन बार प्लाज्मा दे चुके हैं। इसके अलावा 1 बार अजमेर के जेएलएन अस्पताल में एक मरीज को प्लाज्मा देने चले गए। विजय का कहना है कि उनके प्लाज्मा देने से जिंदगियां बच रही हैं तो उनके लिए गर्व की बात है। वे पांचवीं बार भी प्लाज्मा देने की भावना रखते हैं।
रक्तदान, प्लेटलेट्स डोनर प्रजापत अब बन गए प्लाज्मा डोनर
जोधपुर निवासी अशोक प्रजापत रक्तदान भी जमकर करते है। इसके अलावा डेंगू सीजन में भी इन्होंने गत वर्ष खूब प्लेटलेट्स डोनेट की थी। सेवा के जज्बे के साथ अशोक इन दिनों प्लाज्मा भी जमकर दान कर रहे है। इनका गु्रप ओ पॉजिटिव है। प्रजापत ने कहा कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। शहरवासी संकट में है, इस घड़ी में गंभीरों को प्लाज्मा देकर वे बहुत गर्व की अनुभूति कर रहे हैं।