
जोधपुर. कोरोना की संभावित तीसरी लहर का डर बरकरार है, इस बीच तीसरी लहर आई तो सरकार की ऐसी इंफ्रास्ट्रक्चर वाली स्कूलों में कोरोना फैलना तय समझिए। शहर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय नटबस्ती में कक्षा 1 से 5वीं की कक्षाएं महज एक हॉल में चल रही है। यहां बच्चे बिना सोशल डिस्टेंस के पास-पास बैठे हुए है। एक भी विद्यार्थी के किसी प्रकार का मास्क तक लगा हुआ नहीं है।
स्कूल में कमरे नहीं, ग्राउंड व पेड़ों के नीचे पढ़ा रहे
राजकीय माध्यमिक विद्यालय हाईकोर्ट कॉलोनी में भी कक्षा-कक्ष की कमी है। यहां विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए कक्षों की कमी है, इस कारण उन्हें ग्राउंड व पेड़ों के नीचे बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। प्रधानाध्यापिका सुनीता सोलंकी ने बताया कि स्कूल में 4 कमरे हैं। स्कूल क्रमोन्नत हो रखा है, दो क्लासेज नवमीं-दसवीं बढ़ गई हैं। स्कूल छोटा पड़ रहा है। कुल 155 बच्चों का नामांकन है। कक्षा-कक्ष की कमी है। स्कूल में नवनिर्माण की जगह भी नहीं है। प्रथम मंजिल पर दो रूम ही है।
इनका कहना हैं...
हाइकोर्ट कॉलोनी के क्वॉर्टर है, खाली जगह है, वहां टीनशेड लगाने व सर्दी से बच्चों को बचाने के लिए पर्दें लगाने के लिए कहा है। हाईकोर्ट की बिल्डिंग है, हम कार्य करवा नहीं सकते। संयुक्त निदेशक से वार्ता करेंगे, शिफ्ट कराने की समस्या है। मसूरिया स्कूल के लिए जेइएन को सोमवार को मौके पर भेजूंगा, देखेंगे कि क्या व्यवस्था हो सकती है। सरकारी बिल्डिंग है तो प्रस्ताव बनाकर भिजवा देंगे। निजी बिल्डिंग है तो कुछ अलग व्यवस्था करवाएंगे।
- इंसाफ खां जई, सीबीईओ शहर, जोधपुर