जोधपुर

जेडीए और निगम की खींचतान में फल-फूल रहे हैं अवैध निर्माण, विभागों को हो रहा है लाखों का घाटा

बिना नियमन और बिना स्वीकृति के निर्माण की पालना रिपोर्ट भी नहीं हुई तैयार  
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Jodhpur Jda and municipal corporation
Jodhpur Jda and municipal corporation

अविनाश केवलिया/जोधपुर. शहर में पिछले कुछ सालों में बने निजी स्कूल और नए भवन कृषि भूमि पर संचालित हैं। इनके नियमन से करोड़ों रुपए का राजस्व अर्जित करने का प्रयास करने वाले दोनों नगरीय निकाय अब तक सफल होते नहीं दिख रहे हैं। इसके लिए जेडीए अध्यक्ष की ओर से बीते माह एक यूओ नोट भी जारी हुआ। कुछ हद तक राजस्व भी जेडीए में आया, लेकिन अब दोनों निकायों के क्षेत्राधिकार में मामला फंस गया है। शिकारगढ़ और शहर की पेरिफेरी में बने नए भवन जिनमें अधिकांश निजी स्कूल संचालित होते हैं। ये पिछले काफी समय से बिना नियमन और भू-परिवर्तन करवाए संचालित हो रहे हैं। इस बात की जानकारी दोनों ही नगरीय निकायों को है। पहले नगर निगम ने नोटिस जारी किए तो इसके बाद जेडीए अध्यक्ष की ओर से यूओ नोट निकाला गया। इसकी पालना में आयुक्त जेडीए ने सभी उपायुक्तों को इस संबंध में कार्रवाई के निर्देश दिए। कुछ भवन मालिकों ने नियमन व भू-उपयोग परिवर्तन की राशि भी जमा कराई। लेकिन इसके बाद अधिकांश ने दोनों निकायों का क्षेत्राधिकार का फायदा उठा इस प्रक्रिया को रोक दिया।

अब तक जानकारी ही नहीं मिली


इस यूओ नोट की पालना से अब तक जेडीए अध्यक्ष को अवगत ही नहीं करवाया गया है। खास बात यह है कि आयुक्त जेडीए दावा करते हैं कि इस यूओ नोट के बाद कार्रवाई की है। लेकिन कार्रवाई की पालना रिपोर्ट न तो उपायुक्तों ने दी है और न ही आयुक्त ने अध्यक्ष को।

विवादों में निजी स्कूल का मामला

शिकारगढ़ क्षेत्र में संचालित निजी स्कूलें, निगम और जेडीए के नोटिस से बचने के लिए न्यायालय की शरण में जा चुकी हैं। स्कूल संचालक ने इस इमारत को बिना सक्षम अनुमति और लैंड यूज परिवर्तन करवाए ही बना लिया है। जिसके चलते पहले निगम ने और उसके बाद जेडीए ने स्कूल संचालक को नोटिस दिए। निगम ने नोटिस दिए तो स्कूल प्रबंधन ने फाइल जेडीए में लगा दी। जब फाइल लगी तो स्कूल का निर्माण हो चुका था। इस बीच निगम बार-बार नोटिस देता रहा। आखिरकार जब निगम ने स्कूल प्रशासन को अंतिम नोटिस 30 मई 2017 को दिया तो स्कूल प्रशासन ने इस मामले में कोर्ट की शरण ली।

इनका कहना...


अवैध निर्माण के खिलाफ यूओ नोट की पालना रिपोर्ट तो अभी नहीं मिली है। लेकिन सख्त कार्रवाई के लिए फिर से आयुक्त से जानकारी लेंगे। यदि कोई सीमा विवाद का मामला है तो उसको भी दूर किया जाएगा।

- डॉ. महेन्द्र राठौड़, अध्यक्ष, जोधपुर विकास प्राधिकरण

Published on:
14 Aug 2018 01:18 pm