
20 हजार हुई कुरजां की संख्या-
पक्षी प्रेमी सेवाराम माली ने बताया कि इन दिनों खीचन में करीब 20 हजार कुरजां विचरण कर रही है। यह संख्या इस सीजन की सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि इन दिनों कुरजां रात्रि विश्राम के बाद सुबह करीब 8 बजे चुग्गाघर में दाना लेने आती है तथा 11.30 बजे दाना लेकर जलस्रोतों की ओर चली जाती है। दोपहर में कुरजां गांव के विजयसागर, रातड़ी नाडी व नीम्बली नाडी तालाबों पर स्वच्छंद विचरण करती है।
पर्यटकों की बढ़ी संख्या-
कुरजां की मनमोहन अठखेलियों को निहारने के लिए इन दिनों खीचन में रोजाना बड़ी संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक आ रहे है। यहां आने वाले पर्यटक एक साथ बड़ी तादाद में कुरजां को देखकर रोमांचित हो उठते है। वहीं दूसरी तरफ कई पक्षी विशेषज्ञ व वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर भी आ रहे है।
खतरनाक रहा यह प्रवास-
इस बार कुरजां का यह शीतकालीन प्रवास उनके लिए बेहद खतरनाक साबित हुआ है। गत 7 नवम्बर फिर 31 दिसम्बर को लगातार दो बार हुई फूड पॉइजनिंग की घटना से करीब 50 से ज्यादा पक्षियों की मौत हो गई थी। (कासं)
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