
नारी निकेतनों के खाली पदों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश
नारी निकेतन अजमेर तथा उदयपुर में अधीक्षकों के पद रिक्त
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नारी निकेतनों में रिक्त पदों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश संदीप मेहता तथा न्यायाधीश कुलदीप माथुर की खंडपीठ में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई के दौरान न्याय मित्र डॉ.नुपुर भाटी ने नारी निकेतनों में नियुक्त व कार्यरत कर्मचारियों की स्थिति के संबंध में एक तालिका पेश की। कोर्ट ने तालिका के अवलोकन से पाया कि नारी निकेतन अजमेर तथा उदयपुर में अधीक्षकों के पद रिक्त पड़े हैं। अधिकांश नारी निकेतनों में कार्यवाहक के पद भी रिक्त पड़े हैं। इसे देखते हुए खंडपीठ ने राज्य सरकार को इन पदों को भरने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने के निर्देश दिए। कोर्ट को बताया गया मून सोसायटी से जुड़ी काउंसलर राधिका लोहिया नियमित रूप से एमडीएम मनोचिकित्सा विभाग में विजिट कर रही है और उनके स्वैच्छिक योगदान के कारण दस कैदियों को उनके परिवारों में बहाल किया गया है। लोहिया ने कहा कि उन्हें इस प्रक्रिया को जारी रखने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उन्हें परामर्श रिपोर्ट प्रदान नहीं की जा रही है। कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष व्यास को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि परामर्श रिपोर्ट लोहिया को तत्काल प्रदान की जाए।