
जोधपुर
राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश संगीत लोढा और न्यायाधीश दिनेश मेहता की खंडपीठ में बुधवार को राजस्थान माइनर मिनरल्स कनसेशन रूल्स 2017 को चुनौती देने वाली 70 से अधिक याचिकाओं में सुनवाई अधूरी रही।
शेष सुनवाई अगली तारीख पर होगी, तब तक के लिए याचिकाकर्ताओं को पूर्व में दी गई अंतरिम राहत जारी रहेगी।
हाईकोर्ट ने पूर्व में रूल्स 5 (4) बजरी लीज लेटर ऑफर इंटेंट पर दायर याचिकाओं पर नोटिस जारी कर सरकार से जवाब मांगा था।
याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि लीज की बजाय लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया गया था।
लीज जारी करने के लिए पर्यावरण स्वीकृति सहित अन्य शर्तें पूरी की जानी थी, इस बीच मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और सुप्रीम कोर्ट ने इससे संबंधित सभी दस्तावेज तलब किए।
याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया, कि पिछले साल सरकार की ओर से लागू राजस्थान माइनर मिनरल्स कनसेशन रूल्स 2017 की धारा 5 (4) में यह प्रावधान है कि अगर एक वर्ष में पर्यावरण स्वीकृति आदि शर्तें पूरी नहीं की गई तो एलओइ की स्वीकृति स्वत: निरस्त हो जाएगी।
इसकी अवधि 28 फरवरी 2018 को पूरी हो रही थी। इसे कोर्ट में चुनौती दी गई। पूर्व में कोर्ट ने याचिका को विचारार्थ स्वीकार करते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था।
साथ ही याचिकाकर्ता सोसायटी के सदस्यों पर इस रूल्स को लागू करने पर अंतरिम रोक लगा दी थी। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार ने पक्ष रखा।