
जोधपुर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में पहली बार ग्रीवेंश रिड्रेसल कमेटी ने चुनाव के बाद सुनवाई की। शनिवार को करीब सात घंटे चली सुनवाई में केवल 9 वोट के अंतर से विजेता रहे एनएसयूआइ सुनील चौधरी और प्रतिदंद्वी एबीवीपी के मूल सिंह राठौड़ ने आपत्तिया पेश की। सुनवाई के बाद शनिवार को कोई फैसला नहीं पो पाया। इस पर सोमवार को फैसला सुनाया जा सकता है।
मूल सिंह ने दो घंटे तक दो दर्जन बिंदू बताकर संपूर्ण चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दोबारा मतगणना की मांग रखी। इसके बाद कमेटी ने चार घंटे तक मतगणना के वीडियो फुटेज देखे। मूल सिंह ने कई जगह वीडियो को रोककर चुनाव में कथित अनियमितताओं के बारे में बताया, जबकि सुनील चौधरी ने मूल सिंह के खिलाफ पांच साल पहले परीक्षा में नकले व सजा का आरोप लगाते हुए उनका नामांकन खारिज करने की मांग की।
इस पर कमेटी ने मूल सिंह को सोमवार को लिखित जवाब देने को कहा है। जेएनवीयू में छात्रवंघ चुनाव के लिए 10 सितंबर को मतदान और इसके अगले दिन मतगणना हुई थी। रात 9 बजे एनएसयूआइ के सुनील चौधरी 39 वोटों से जीते। निकटतम पतिदंद्वी मूल सिंह की आपत्तियों के बाद दोबारा मतगणना के बाद सुनील चौधरी को नौ वोट से विजय घोषित किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राधेश्याम शर्मा ने ग्रीवेंश रिड्रेसल कमेटी की ओर से खुले में सुनवाई की बात कही थी।
विश्वविद्यालय के दस्तावेजों में भी इसका जिक्र किया गया लेकिन दोपहर 12 बजे विश्वविद्यालय के केंद्रीय कार्यालय में सुनवाई शुरू हुई तो भारी पुलिस बल तैनात था। आम जनता को तो छोड़िए एक बार तो कुलपति ने पुलिसकर्मियों को बैठक में उपस्थित मीडियाकर्मियों को भी बाहर करने के निर्देश दिए। मीडियाकर्मियों के तर्कवितर्क के बाद ग्रीवेंश कमेटी के अध्यक्ष प्रो. कमलेश पुरोहित ने अनुमति दी। इसके बाद जब मूल सिंह को फुटेज दिखाए गए तो मीडियाकर्मियों को फिर बाहर किया गया।