
जोधपुर.
पेटीएम को केवाइसी से अपडेट कराने के नाम पर आमजन के बैंक खातों से रुपए निकालने की वारदातें लगातार जारी हैं। सोजती गेट में होम्योपैथिक चिकित्सक के खाते से ९६ हजार, ६६२ और चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के सेक्टर १८ई में एक अन्य व्यक्ति के खाते से १.३९ लाख नौ सौ रुपए निकाल लिए गए। उदयमंदिर और चौहाबो थाने में मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार सोजती गेट चौकी के सामने निवासी होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. महेन्द्र पटवा पुत्र राजमल के मोबाइल पर गत ७ जनवरी की रात नौ बजे एक व्यक्ति ने फोन कर खुद को केवाइसी ऑफिस से बात करने का झांसा देकर पेटीएम खाते को केवाइसी से अपडेट करने की जानकारी दी। फिर उसने एक अन्य फोन नम्बर मांगे। जिस पर उसने कॉल किया और मोबाइल पर ऑनलाइन केवाइसी अपडेट करने का झांसा दिया। डॉ. महेन्द्र ने बैंक ऑफ बड़ौदा के क्रेडिट कार्ड नम्बर बता दिए। इसके बाद उसे बैंक खाते से अलग-अलग किस्तों में रुपए निकलना शुरू हो गए। संदेह होने पर उसने बैंक ऑफ बड़ोदा कार्ड से जानकारी ली तो सामने आया कि किसी ने खाते से ९६, ६६२ रुपए निकाल लिए। उसने कार्ड व खाता ब्लॉक कराने के साथ ही उदयमंदिर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
केवाइसी के नाम ठगी की दूसरी वारदात चौहाबो के सेक्टर १८ई में हुई। केवाइसी अपडेट कराने का झांसा देकर उससे एक एेप डाउनलोड कराया गया। फिर खाते से अलग-अलग किस्तों में १.३९ लाख रुपए निकाल लिए गए। इस संबंध में चौहाबो थाने में मामला दर्ज कराया गया।
एेप डाउनलोड करते ही ठग के कन्ट्रोल में गया मोबाइल
केबीएचबी में सेक्टर ६पी निवासी संतोष माथुर के बैंक खाते से दो बार में बीस हजार रुपए निकाल लिए गए। पुलिस के अनुसार गत आठ जनवरी को उसके मोबाइल में पेटीएम खाते की केवाइसी अपडेट कराने का एसएमएस आया था। उसमें लिखे मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क करने पर एक एेप डाउनलोड कराया गया। जिससे उसका मोबाइल शातिर ठग के कन्ट्रोल में चला गया। फिर उसके मोबाइल से बैंक खाते से ९९९९ रुपए और दस हजार रुपए निकाल लिए गए। पीडि़त ने बैंक में सूचना दी और फिर एफआइआर दर्ज कराई।
तीन पीडि़तों की एफआइआर दर्ज करने में कोताही
ठगी की एक अन्य वारदात कमला नेहरू नगर निवासी संगीता साबू के साथ हुई। केवाइसी अपडेट कराने का झांसा देकर ठग ने महिला के खाते से अलग-अलग लेन-देन कर कुल १.६४ लाख रुपए निकाल लिए गए। वहीं, भीतरी शहर निवासी मनीष पुरोहित के बैंक खाते से ८८०० रुपए निकाल लिए गए। एक अन्य वारदात निजी विद्यालय के प्राचार्य के साथ हुई। उनके बैंक खाते से नब्बे हजार रुपए निकाले गए। इसका पता लगने पर वो बासनी थाने पहुंचे, लेकिन एफआइआर दर्ज नहीं की गई। ड्यूटी ऑफिसर ने पीडि़त को यह कहकर टरका दिया कि ऑनलाइन ठगी के मामलों में एफआइआर दर्ज करने से कोई हल नहीं निकलेगा। नागौरी गेट निवासी कल्पना चंपावत के खाते से २४९५० रुपए निकाल लिए गए।