
जोधपुर.
जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण की बाढ़ आई हुई है। खास बात यह है कि लगातार शिकायतें मिलने के बावजूद इन पर कार्रवाई करने की जगह अधिकारी शिकायत पर ही कुंडली मारकर बैठ जाते हैं। इस स्थिति से नाराज जेडीए अध्यक्ष ने यूओ नोट जारी कर अधिकारियों को अवैध निर्माण पर लगाम लगाने के निर्देश दिए हैं।
जेडीए क्षेत्र में बिना अनुमति, लैंड यूज परिवर्तन और ले आउट प्लान के अनुमोदन के बिना बने कई भवनों में शिक्षण संस्थान चल रहे हैं। इसके अलावा स्वीकृति के अतिरिक्त निर्माण की शिकायतें भी लगातार मिल रही हैं। जेडीए अध्यक्ष ने कई बार बैठकें लेकर निर्देश जारी किए तब भी अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिर में जेडीए अध्यक्ष को यूओ नोट जारी कर अधिकारियों को एक सप्ताह में एेसी संस्थाओं की सूची पेश करने के निर्देश दिए हैं।
हो सकती है करोड़ों की आय
बजट नहीं होने का हवाला देकर कई कार्य रोकने वाले जेडीए प्रबंधन के लिए अवैध निर्माण पर कार्रवाई करना फायदे का सौदा साबित हो सकता है। कई बड़े शिक्षण संस्थानों ने भू-उपयोग परिवर्तन या ले आउट प्लान का अनुमोदन कराए बिना विशाल भवनों का निर्माण करा लिया। ऐसे भवनों के नियमितीकरण से प्राधिकरण को करोड़ों की आय हो सकती है।
पूर्वी जोन में सबसे ज्यादा कार्रवाई
प्राधिकरण के पूर्वी जोन में पिछले तीन माह में २० से अधिक अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई हुई है। जबकि अन्य जोन इस अवधि में अवैध निर्माण पर विशेष कार्रवाई नहीं कर पाए। इन जोन में शिकायतों के आधार पर कार्रवाई होती है। जबकि सर्वे के आधार पर अवैध निर्माण पर रोक का प्रयास नहीं किया जाता। जेडीए अध्यक्ष ने इस प्रक्रिया पर भी सवाल खडे़ किए हैं।
इनका कहना...
हमने अधिकारियों को बिना अनुमति या बिना ले आउट अनुमोदन के किए गए निर्माण कार्यों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई होने पर अवैध निर्माण पर लगाम लगने के साथग जेडीए को राजस्व भी मिलेगा।
- प्रो. डॉ महेन्द्र राठौड़, अध्यक्ष, जोधपुर विकास प्राधिकरण।