
जोधपुर.
रिंग रोड प्रोजेक्ट में हो रही देरी पर हाइकोर्ट की सख्ती के बाद अब अतिक्रमण हटने शुरू हो गए हैं। बुधवार को जेडीए अतिक्रमण निरोधक टीम ने सडक़ किनारे पक्के निर्माण ध्वस्त किए। वहीं अन्य टीम की ओर से झालामंड क्षेत्र में अवैध निर्माण रुकवाया गया।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के साथ मिलकर जोधपुर विकास प्राधिकरण अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने कार्रवाई की। सांगरिया बाइपास से पाल बाइपास रिंग रोड के सडक़ भाग में आने वाले पक्के निर्माण हटाए गए। उपायुक्त दक्षिण जोन के निर्देशानुसार बाइपास मार्ग पर करीब चार किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में कार्रवाई की गई। इसमें कई दुकानों और प्याऊ को ध्वस्त किया गया। साथ ही एेसे निर्माण जिनका मुआवजा नहीं मिला है उनका माप-चौक कर एनएचएआई ने मुआवजा देना सुनिश्चित किया।
मंदिर होंगे शिफ्ट, समय मांगा
इस सडक़ सीमा में आने वाले मंदिर को भी शिफ्ट करने पर सहमति बनी। स्थानीय लोगों ने नवरात्र तक समय मांगा। इस पर अधिकारियों ने समय देने की बात कही। नए मंदिर एनएचएआई के बताए स्थान पर उनके सहयोग से भी निर्माण किए जाएंगे।
यहां भी हुई कार्रवाई
उपायुक्त पूर्व श्रवणसिंह राजावत एवं प्रवर्तन निरीक्षक संतोष पंवार ने झालामण्ड गुड़ा बाइपास रोड से झालामण्ड सर्किल तक अतिक्रमण एव साइन बोर्ड हटाया तथा सामान जब्त किया।
उचियारड़ा डांगियावास बाई पास रोड़ फाटा पर अवैध दुकानों का निर्माण बन्द कराया जाकर निर्माण कार्य में काम आने वाले औजार जब्त किये गए । मौके पर सभी को हिदायत दी गई कि सड़क भाग किसी प्रकार का सामान नही रखे। प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना किसी प्रकार का निर्माण नही कर ।अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही जारी रहेगी।
हाइकोर्ट ने की थी सख्ती
इस मामले पर लगातार राजस्थान हाइकोर्ट नजर रख रहा है और सुनवाई के जरिये अल्टीमेटम दिया जा रहा है। रिंग रोड हाइकोर्ट के नए भवन के बाहर से भी गुजरेगी और लम्बे समय से यह सडक़ अटका हुआ है। यह प्रोजेक्ट वन विभाग और एनएचएआई के बीच लम्बे समय से झूलता होने के कारण हाइकोर्ट कई बार नाराजगी जता चुका है। लेकिन इस पर अब तक काम शुरू नहीं हो पा रहा है।