जोधपुर

जेएनवीयू: शिक्षक अब तक जेेबें भरते रहे, पहली बार होगी जेब ढीली

jnvu jodhpur
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जेएनवीयू: शिक्षक अब तक जेेबें भरते रहे, पहली बार होगी जेब ढीली
जेएनवीयू: शिक्षक अब तक जेेबें भरते रहे, पहली बार होगी जेब ढीली

जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय JNVU अपनी माली हालात सुधारने के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहा है। इस बार विवि ने शिक्षकों की जेब से पैसा निकालने की तरकीब बनाई है। हाल ही में विवि की ओर से जारी कॅरियर एडवांसमेंट स्कीम (CAS) के अंतर्गत पहली बार प्रोसेसिंग फीस की नई व्यवस्था लागू की गई है। सीनियर स्कैल व सलेक्शन ग्रेड के लिए आवेदन करने वाली शिक्षकों को 5 हजार रुपए प्रोसेसिंग फीस देनी होगी। एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के लिए आवेदन करने वालों को 10 हजार रुपए देने होंगे। सीएएस के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बुधवार को थी लेकिन चुनाव आचार संहिता के कारण इसे बढ़ाकर अब पांच दिसम्बर कर दिया गया है।

3 शिक्षकों के एक्सपर्ट पैनल पर होता है खर्चा
विवि में सीएएस के तहत पदोन्नति में तीन शिक्षकों का एक्सपर्ट पैनल होता है। शिक्षक राज्य के बाहर से भी आते हैं। ऐसे में उन पर विवि का खर्चा भी काफी होता है। जानकारों का कहना है कि प्रोसेसिंग फीस का हालांकि विवि नियमों में प्रावधान नहीं है लेकिन ली भी गई है तो अभी तक काफी कम है। एक्सपर्ट फ्लाइट से आने-जाने के अलावा उनके होटल में रुकने व खाने का खर्चा अधिक होता है।

हर महीने 15 करोड़ वेतन-पेंशन पर

जेएनवीयू की माली हालत ठीक नहीं है। विवि में करीब 1500 पेंशनर्स है जिन पर हर महीने करीब 7.50 करोड़ रुपए पेंशन के खर्च होते हैं। लगभग इतना ही पैसा विवि के कर्मचारियाें और शिक्षकों के वेतन पर होता है। व्यास विवि का पहले सालाना आय 100 करोड़ थी लेकिन एमबीएम कॉलेज के विवि बनकर अलग होने पर 35 करोड़ की आय कम हो गई। राज्य सरकार का भी विवि से स्वयं के स्त्रोतों से आय पैदा करने का दबाव रहता है।

Published on:
25 Oct 2023 08:38 pm