
जोधपुर. जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नियमों के विरुद्ध शोध कार्य (पीएचडी) करने का मामला सामने आया है।कला संकाय के डीन ने पीएचडी कोर्स वर्क 30 दिन में पूरा करने का आदेश जारी किया है। जबकि सके लिए 180 दिन निर्धारित हैं। कई विभागाध्यक्षों ने इसका विरोध जताया है। इनका कहना है कि एक दिन में 6 घंटे कक्षाएं लगाने के बाद भी 1 महीने में कोर्स वर्क पूरा करना संभव नहीं है।
यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक पीएचडी रजिस्ट्रेशन से पहले 6 महीने का कोर्स वर्क करना होता है। इसके अंतर्गत 4 प्रश्न पत्र होते हैं। रिसर्च मैथेडोलॉजी के पहले प्रश्न पत्र में 42 पीरियड करने होते हैं। इसकी कक्षाएं पूरे संकाय में एक साथ लगती हैं। इसके बाद संबंधित विभाग के 2 प्रश्न पत्र की कक्षाएं विभाग में ही लगती है। चौथा प्रश्न पत्र रिव्यू ऑफ लिटरेचर का होता है। कोर्स वर्क के बाद इन चारों प्रश्न पत्र की परीक्षा होती है। इसके बाद संकाय सर्टिफिकेट जारी करता है, जिसे संबंधित विभाग की विभागीय काउंसिल की बैठक में रखा जाता है। काउंसिल बैठक की तिथि से ही पीएचडी का रजिस्ट्रेशन माना जाता है।
322 विद्यार्थी कर रहे हैं एचडी
पिछले साल विवि में प्री पीएचडी परीक्षा के बाद कला संकाय के 322 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। इनका कोर्स वर्क 16 जनवरी से शुरू हुआ है। इनमें से दूसरे शहर के कई विद्यार्थी कोर्स वर्क का समय घटाने की मांग कर रहे थे।
डीन ने नहीं दिया जवाब
कला संकाय डीन प्रो. एसपी दूबे का पक्ष लेने के लिए मोबाइल पर सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया।