- दो मुख्य आरोपियों को मुम्बई से गिरफ्तार कर जोधपुर लाएगी पुलिस, तीन अन्य आरोपियों का सुराग नहीं
जोधपुर.
विवेक विहार थाना पुलिस ने मोगड़ा कला गांव के शेखानाडा की ढाणी स्थित सुनसान खेत पर बने मकान में दबिश दी थी तब कमरों के दरवाजों पर ताले भी नहीं लगे थे। सिर्फ कुंदे लगाकर कमरों में एमडी ड्रग्स के उपकरण छुपाए हुए थे। पुलिस का मानना है कि गत दिनों मुम्बई पुलिस ने पुणे निवासी प्रशांत पाटील को एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार किया था। इसका पता लगते ही मोगड़ा निवासी हुक्माराम जाट व साथियों ने अपने खेत में लगी एमडी ड्रग्स लैब के कीमती उपकरण खोल लिए थे। इन्हें वे सुरक्षित जगह छुपाना चाहते थे। तब उन्हें शेखानाडा की ढाणी वाले खेत में बना मकान नजर आया, जो खुला था। तब मकान के दो कमरों में ड्रग्स बनाने के उपकरण छुपा दिए थे।
जांच कर रहे कुड़ीभगतासनी थानाधिकारी राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि प्रकरण में मोगड़ा कला निवासी हुक्माराम जाट, कांकाणीभाखरी निवासी उसका मित्र महेन्द्र उर्फ हुक्माराम, पुणे निवासी प्रशांत पाटील, खींचड़ों की ढाणी निवासी राकेश खींचड़ व सांचौर निवासी रमेश उर्फ अनिल बिश्नोई आरोपी हैं। मोगड़ा निवासी हुक्माराम व प्रशांत पाटील को मुम्बई से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लाया जाएगा। अन्य तीनों की तलाश की जा रही है।
जिस खेत में ड्रग्स बनाने के उपकरण पकड़े गए थे वो पाल गांव निवासी गोपाराम की पत्नी के नाम है। गोपाराम से पूछताछ की गई। उसने बीस साल पूर्व खेत खरीदा था। दो ट्यूबवेल थे, लेकिन पानी भारी होने से खेती बंद कर दी थी। मकान के कमरे खाली होने से ताले नहीं लगाए थे।
दोनों हुक्माराम आपस में मित्र हैं। छह माह पहले हुक्माराम कहीं और काम करता था। फिर दोस्त हुक्माराम के झांसे में आकर एमडी ड्रग्स बनाने में शामिल हो गया था। रमेश खींचड़ दवाइयों की दुकान पर काम करता था।