जोधपुर

पीएम मोदी के पॉलीथिन मुक्त अभियान की जोधपुर में खुली पोल, 9 टन पॉलीथिन जब्त के बाद भी नहीं मिल रही मुक्ति

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते दिनों एक अपील की, सिंगल यूज पॉलीथिन का उपयोग बंद हो। इसकी पालना के लिए धरातल पर सख्ती बरतने की तैयारी हो चुकी है। राज्य सरकारों ने निर्देश जारी कर दिए हैं। लेकिन हर साल की तरह इस साल भी पॉलीथिन मुक्ति नहीं, सख्ती पर ही फोकस है।
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jodhpur nagar nigam action against plastic
पीएम मोदी के पॉलीथिन मुक्त अभियान की जोधपुर में खुली पोल, 9 टन पॉलीथिन जब्त के बाद भी नहीं मिल रही मुक्ति

अविनाश केवलिया/जोधपुर. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बीते दिनों एक अपील की, सिंगल यूज पॉलीथिन का उपयोग बंद हो। इसकी पालना के लिए धरातल पर सख्ती बरतने की तैयारी हो चुकी है। राज्य सरकारों ने निर्देश जारी कर दिए हैं। लेकिन हर साल की तरह इस साल भी पॉलीथिन मुक्ति नहीं, सख्ती पर ही फोकस है। अब तक 9 टन पॉलीथिन जब्त की जा चुकी है और उन्हें सीमेंट प्लांट में भेजा गया है। लेकिन इसके बाद भी हमारा शहर पॉलीथिन मुक्त नहीं हुआ है। पॉलीथिन उपयोग और कार्रवाई पैटर्न पर हमारी विशेष रिपोट...

कार्रवाई यह : 50 माइक्रोन से कम मोटाई की पॉलीथिन उपयोग पर प्रतिबंध है।
हालात ऐसे : लेकिन निगम दस्तों को तकनीकी जानकारी नहीं, इसलिए जो भी पॉलीथिन मिलती है उसे जब्त किया जाता है।

कार्रवाई यह : पिछले साल 9 टन से अधिक पॉलीथिन जब्त कर कार्रवाई की गई थी।
हालात ऐसे : इसके बाद भी बाजार में पॉलीथिन का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है।

कार्रवाई यह : पॉलीथिन बेचने वाली दुकानों पर कार्रवाई करते हैं। हाथ ठेलों से जब्त करते हैं।
हालात ऐसे : जहां पॉलीथिन कैरी बेग बनते हैं वहां कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

पॉलीथिन अभियान की कुछ कमजोरियां

- ऐसे ठेलों व दुकानों को टारगेट किया जाता है जहां कार्रवाई के कुछ दिन बाद ही फिर पॉलीथिन बिकने आ जाती है।
- बड़ी फैक्ट्रियां या बाहर से माल मंगवाकर स्टॉक करने वालों पर कार्रवाई नहीं।
- प्रदूषण नियंत्रण मंडल इसमें साथ नहीं जुड़ता। इस कारण तकनीकी जानकारी के बिना कार्रवाई होती है।
- सरकार जनता को पहले पॉलीथिन के विकल्प उपलब्ध करवाए तो अभियान सफल हो सकता है।
- पॉलीथिन उपयोग पर जुर्माना या अन्य प्रकार की सख्ती भी हो।

नगर निगम आयुक्त सुरेश कुमार ओला से सीधी बात

सवाल - पीएम के आह्वान के बाद पॉलीथिन के खिलाफ कोई अभियान चला रहे हैं ?
जवाब - करते हैं, 20-30 किलो तक पॉलीथिन जब्त हो जाती है। राज्य सरकार के निर्देश पर पहले ही कार्रवाई कर रहे हैं। एक-डेढ टन पहले ही कर चुके।

सवाल - जहां मैन्युफेक्चरिंग हो रही है वहां के लिए कार्रवाई क्यों नहीं होती, छोटी जगह पर कार्रवाई से पॉलीथिन मुक्ति का सपना तो पूरा नहीं हो पाएगा?
जवाब - शहरी क्षेत्र में ऐसे स्थल चिह्नित कर कार्रवाई करेंगे। पिछले दिनों एक ही बड़े स्टॉकिस्ट से 70 किलो जब्त की है।

सवाल - प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी इसमें जुड़ता है क्या?
जवाब - तकनीकी जानकारी उनको है। फैक्ट्रियों में कोई प्लास्टिक डिस्चार्ज होता है तो उस पर तो वही कार्रवाई करते हैं। लेकिन पॉलीथिन कार्रवाई में साथ नहीं है। अब प्रयास करेंगे कि उनसे समन्वय बना लें।

Updated on:
11 Sept 2019 11:44 am
Published on:
11 Sept 2019 11:44 am