
अविनाश केवलिया/जोधपुर. नगर निगम में विवाह और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर बड़ी वसूली का खेल सालों से चल रहा था। हाथों-हाथ प्रमाण पत्र चाहिए तो मोटी रकम और राशि नहीं दी तो चक्कर काटने पर मजबूर। इस बारे में हाल ही में शिकायत मिली तो निगम में कई व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। अब प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बकायदा टोकन जारी होंगे और सुरक्षा गार्ड भी निगरानी के लिए बैठाए गए हैं।
प्रतिदिन करीब 150 से अधिक लोग विवाह एवं जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंचते हैं। फिलहाल निगम में दोनों ही कार्य के लिए अलग-अलग सेटअप है। यहां कई दलाल व ई-मित्र संचालक भी सक्रिय थे। जो कि आसानी से प्रमाण पत्र बनवाने के लिए मोटी रकम वसूलते थे। लेकिन दो दिन पहले शिकायत पर अब व्यवस्था बदल कर इसकी निगरानी सतर्कता आयुक्त आरपीएस अधिकारी सीमा हिंगोनिया को दी गई है।
अब यह व्यवस्था
यदि कोई व्यक्ति प्रमाण पत्र बनवाने आ रहा है तो उन्हें एक टोकन नम्बर दिया जाएगा। इसके बाद उसे ही कक्ष में जाने की अनुमति होगी जो कि जिसका टोकन। इसके लिए सुरक्षा गार्ड को भी निगरानी के लिए रखा गया था।
7 दिन में नहीं तो कार्रवाई
सात दिन का समय इन प्रमाण पत्र को जारी करने के लिए दिया जाता है। इस बात की निगरानी भी सतत रूप से रखी जाएगी। जो कर्मचारी 7 दिन में प्रमाण पत्र जारी नहीं करेगा, उनकी मॉनिटरिंग भी की जा रही है।