
अविनाश केवलिया/जोधपुर. सडक़ों को आधुनिक मशीनों से साफ करने के लिए नगर निगम ने दो मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। करीब डेढ़ करोड़ रुपए मशीनों की खरीद और करीब साढ़े चार करोड़ रुपए इनके रखरखाव के लिए संबंधित कंपनी को दिए जाएंगे। इसके बावजूद स्वच्छता सर्वेक्षण में डस्ट कम करने के उपाय के तहत मिलने वाले नम्बर नहीं मिल पाएंगे।
प्रदेश में पहली बार खरीदी जा रही ये मशीनें वेट प्रणाली से सडक़ों की सफाई करने के साथ वातावरण में धूल के कण कम करने का काम करेंगी। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित की गई है। फिलहाल ऐसी दो मशीनें आएगी। ये मशीनें 10 पीएम तक के धूल के कण साफ करने की क्षमता रखती है। अगले पांच साल तक संबंधित कंपनी ही इन मशीनों को शहर में ऑपरेट करेगी।
नहीं मिलेंगे नम्बर
125 अंक है स्वच्छता सर्वेक्षण में हवा में धूल के कण कम करने के। इन मशीनों को इसी उद्देश्य से खरीदा जा रहा है। लेकिन टैंडर प्रक्रिया में देरी होने के कारण इस वर्ष के अंक कट जाएंगे।
प्रदेश में पहली बार वेट स्वीपिंग मशीन
प्रदेश में पहली बार इस तरह की मशीनें आएंगी जो सडक़ों को गीला करने के बाद सफाई करेंगी। इसे वेट स्वीपिंग प्रक्रिया कहते हैं। इससे झाडू लगाते समय धूल के कण हवा में नहीं उड़ेंगे। एक मशीन एक दिन में 25 किलोमीटर तक सडक़ साफ करेगी।
फैक्ट फाइल
- 2 मशीनें खरीदी जाएंगी
- 1.5 करोड़ में दो मशीनों की खरीद की जाएगी
- 4.43 करोड़ में पांच साल का रखरखाव होगा
- 5.93 करोड़ कुल खर्च करेगा नगर निगम