जोधपुर

कम्प्यूटर में एक्स-रे डालकर 15 मिनट में होगी कोरोना जांच, जोधपुर के छात्र ने बनाया विशेष सॉफ्टवेयर

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फोरेमेशन टेक्लोलॉजी (आइआइआइटी) सूरत में अध्ययनरत जोधपुर निवासी बीटैक छात्र निखिल व्यास ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर ऐसा कम्प्यूटर प्रोग्राम बनाया है जो लोगों के छाती के एक्स-रे की जांच करके कोरोना का पता लगाएगा।
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jodhpur student of IIT surat made software for examining coronavirus
कम्प्यूटर में एक्स-रे डालकर 15 मिनट में होगी कोरोना जांच, जोधपुर के छात्र ने बनाया विशेष सॉफ्टवेयर

गजेंद्रसिंह दहिया/जोधपुर. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फोरेमेशन टेक्लोलॉजी (आइआइआइटी) सूरत में अध्ययनरत जोधपुर निवासी बीटैक छात्र निखिल व्यास ने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर ऐसा कम्प्यूटर प्रोग्राम बनाया है जो लोगों के छाती के एक्स-रे की जांच करके कोरोना का पता लगाएगा। यह एक तरह से कोरोना रोग की जांच है जिसमें केवल 15 मिनट लगेंगे। प्रति मरीज 50 रुपए लगेगा। इसकी सहायता से रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और हवाई अड्डे पर यात्रियों की तेजी से पुख्ता स्क्रीनिंग हो सकेगी। वर्तमान में थर्मल गन से स्क्रीनिंग होती है, लेकिन वर्तमान में ऐसे मरीज अधिक सामने आ रहे हैं जो जिनके शरीर में कोरोना वायरस तो हैं लेकिन उनमें रोग का एक भी लक्षण नहीं होता है।

विदेश के 500 कोरोना रोगियों के एक्स-रे के हैं डाटा
निखिल ने बताया कि कॉलेज के प्रोफेसर ज्योतिर्मय बैनर्जी के मार्गदर्शन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) और डीप लर्निंग से यह प्रोग्राम तैयार किया गया है। इसमें ओपन सोर्स से प्राप्त विदेशों में कोरोना से संक्रमित हुए करीब 500 रोगियों के एक्स-रे डाटा डाले गए हैं। इस कम्प्यूटर प्रोग्राम में जब किसी व्यक्ति के एक्स-रे की सॉफ्टकॉपी कोरोना जांच के लिए डाली जाती है तो यह कोरोना संक्रमित रोगियों के एक्स-रे डाटा से इनकी तुलना करके अपनी जांच रिपोर्ट देता है। परिणााम की शुद्धता 97 फीसदी रही है। निखिल के अलावा प्रत्युष गुप्ता, दिव्य शाह, किशन सिंह और हेत शाह का इसमें योगदान रहा।

भारत के रोगियों के एक्स-रे डाटा नहीं मिले
निखिल को देश के कोरोना संक्रमित रोगियों के एक्स-रे डाटा नहीं मिले। ओपन सोर्स पर भी भारत के कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के एक्स-रे डाटा नहीं है।

रोबोट में प्रोग्राम डालकर स्केनिंग की योजना
उसने बताया कि भविष्य में इस प्रोग्राम को रोबोट में डालकर अस्पताल सहित अन्य भीड़भाड वाली जगह पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति की तुरंत स्केनिंग करने की योजना है। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय प्रोजेक्ट बनाकर भेजा गया है। बजट मिलने पर रोबोट की क्रियान्वित होगी।

Published on:
05 May 2020 11:55 am