
Jodhpur Pink Pond : जोधपुर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर तनावड़ा गांव का रहस्यमयी 'गुलाबी तालाब' एक बार फिर अपने शुरुआती रंग में लौट आया है। तेज बारिश के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह में गुलाबी से सामान्य या सफेद दिखाई देने लगा तालाब अब फिर गुलाबी हो गया है। रंग में इस बार फिर आए बदलाव ने तालाब के रहस्य को और गहरा कर दिया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर पानी का रंग बार-बार क्यों बदल रहा है।
राजस्थान पत्रिका ने 17 जुलाई को 'तनावड़ा में तालाब का पानी हुआ गुलाबी, जोजरी किनारे प्रदूषण का नया अलार्म' शीर्षक से मामला उजागर किया था। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण मंडल की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हुई। 24 जुलाई की तेज बारिश के बाद पानी का गुलाबी रंग खत्म हो गया था। आरएसपीसीबी ने तब पानी की लवणता में कमी को इसका प्रमुख कारण बताया था। अब तालाब के फिर गुलाबी होने से पहले की व्याख्या पर भी नए सवाल उठ गए है।
तालाब के रंग बदलने के वास्तविक कारणों की वैज्ञानिक जांच आइआइटी जोधपुर को सौंपी गई है। संस्थान की अंतरिम रिपोर्ट में मूर्ति विसर्जन से रासायनिक प्रभाव, क्षेत्र की अत्यधिक लवणता और समीप बहने वाली जोजरी नदी से संभावित सीपेज को तीन संभावित कारण बताया गया था। अंतिम रिपोर्ट से ही असली वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है।
इधर प्रशासन तालाब को संवेदनशील मानकर निगरानी जारी रखे हुए है। जेडीए ने सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, परिवहन विभाग के दस्ते संदिग्ध टैंकरों पर नजर रख रहे हैं और कैचमेंट एरिया की सफाई के साथ तालाब के पुनरुद्धार का काम भी किया गया है। लेकिन रंग के फिर गुलाबी होने ने अब वैज्ञानिकों और प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
आइआइटी जोधपुर ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में जो तीन कारण बताए थे, उसमें से एक हो सकता है। हम लोग सीसीटीवी कैमरों से पूरी नजर रख रहे हैं। तालाब का रंग 27 अगस्त के बाद बदलना शुरू हुआ है। इसके अलावा प्रशासन, जिला परिषद सहित अन्य विभागों की टीम भी संयुक्त मॉनिटरिंग कर रही है। मुख्यालय स्तर पर तालाब के पुनरुथान को लेकर कार्रवाई जारी है।
दीपेन्द्र झारवाल, क्षेत्रीय अधिकारी, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जोधपुर