
राजस्थान में निकाय चुनाव 2026 के दूसरे चरण के तहत जोधपुर शहर में लोकतंत्र का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी पत्नी सुनीता गहलोत, बेटे वैभव गहलोत और बहू हिमांशी गहलोत के साथ महामंदिर स्थित वर्धमान जैन स्कूल पोलिंग बूथ पर मतदान करने पहुंचे थे। गहलोत ने मीडिया से बातचीत करते हुए निकाय क्षेत्रों के विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का दावा किया था। हालांकि, जैसे ही मतदान की प्रक्रिया संपन्न हुई और चुनावी गहमागहमी शांत हुई, जोधपुर की जनता के सामने एक नई समस्या खड़ी हो गई। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) नगर वृत्त जोधपुर ने शहर के बड़े हिस्से में 13 सितंबर से जलापूर्ति पूरी तरह बंद रखने और आपूर्ति शेड्यूल में फेरबदल का फरमान जारी कर दिया।
PHED के अधीक्षण अभियंता (SE) राजेन्द्र मेहता द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, जल भंडारण जलाशयों की सफाई, पाइपलाइनों के रखरखाव और आवश्यक मेंटेनेंस वर्क के कारण शहर के सभी प्रमुख फिल्टर हाउस अस्थायी रूप से बंद रहेंगे। इसके चलते 13 सितंबर 2026 से लेकर 16 सितंबर 2026 तक शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति 24 से 48 घंटे की देरी से होगी। चुनावी माहौल के तुरंत बाद आए इस फैसले से शहरवासियों में हड़कंप मच गया है और लोग वीकेंड पर पानी का स्टॉक करने में जुट गए हैं।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, शहर के मुख्य वाटर सोर्सेज यानी कायलाना, चौपासनी और सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी इलाकों में 13 सितंबर को जलापूर्ति पूरी तरह बंद रखी जाएगी। इसके कारण पूरा वाटर सप्लाई चक्र प्रभावित होगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन इलाकों में 13 सितंबर को सामान्य रूप से पानी की सप्लाई होनी थी, वहां अब 14 सितंबर को पानी दिया जाएगा। वहीं जिन क्षेत्रों का नियमित सप्लाई डे 14 सितंबर था, वहां 15 सितंबर को जलापूर्ति की जाएगी। इस बदलाव से मुख्य शहर के बड़े रिहायशी और कमर्शियल इलाकों के निवासियों को पानी का इस्तेमाल बेहद किफायत से करना होगा।
जोधपुर शहर के दक्षिणी और बाहरी इलाकों को पानी सप्लाई करने वाले झालामंड और तखतसागर फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्रों के लिए PHED ने थोड़ा अलग टाइमटेबल जारी किया है। इन प्लांट्स से जुड़े क्षेत्रों में सरस्वती नगर, कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड (KHB) के विभिन्न सेक्टर, पाल बाइपास और शिल्पग्राम के आसपास के इलाके शामिल हैं।
अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र मेहता ने बताया कि इन इलाकों में 13 सितंबर को सुबह 10 बजे तक पानी की सप्लाई सामान्य रूप से की जाएगी। इसके बाद प्लांट में रखरखाव का काम शुरू होगा। इसके परिणामस्वरूप, इन क्षेत्रों में 14 सितंबर को होने वाली जलापूर्ति अब 15 सितंबर को होगी, और 15 सितंबर को दी जाने वाली जलापूर्ति 16 सितंबर को संपन्न की जाएगी।
13 सितंबर 2026: कायलाना, चौपासनी और सुरपुरा फिल्टर हाउस पूरी तरह बंद। झालामंड व तखतसागर क्षेत्र में केवल सुबह 10 बजे तक ही पानी आएगा।
14 सितंबर 2026: 13 सितंबर को छूटी हुई सप्लाई दी जाएगी (झालामंड क्षेत्र को छोड़कर)।
15 सितंबर 2026: 14 सितंबर की तय सप्लाई इस दिन होगी। झालामंड और कुड़ी भगतासनी क्षेत्रों में 14 तारीख वाली सप्लाई मिलेगी।
16 सितंबर 2026: झालामंड और तखतसागर क्षेत्रों में 15 सितंबर की बकाया सप्लाई देकर स्थिति सामान्य की जाएगी।
11 सितंबर को जोधपुर में 7.12 लाख से अधिक मतदाताओं के लिए 729 पोलिंग बूथ बनाए गए थे, जहां जनता ने अपने स्थानीय प्रतिनिधियों को चुनने के लिए वोट डाला। मतदान के दिन प्रशासनिक और सुरक्षा अमला पूरी तरह मुस्तैद था। लेकिन मतदान के तुरंत बाद पेयजल कटौती के आदेश ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों की चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि 14 सितंबर को मतगणना होनी है और उससे ठीक पहले 13 सितंबर से शहर में जल संकट गहराने वाला है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे 12 सितंबर को ही अपनी आवश्यकता के अनुसार पानी का भंडारण कर लें और अगामी तीन-चार दिनों तक पानी का उपयोग बेहद समझदारी से करें ताकि किसी भी आपात स्थिति से बचा जा सके।